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सरगुजा जिले में पांच सालों पूर्व चंगाई सभा के माध्यम से ईसाई धर्म अपनाने वाले तीन परिवारों की घर वापसी समाज प्रमुखों ने कराई। समाज के लोगों ने इसके लिए कई घंटे तक बैठक की और तीनों परिवारों की सहमति ली। इसके बाद कलश के दीप जलाकर तीनों परिवारों की घर वापसी कराई। सरगुजा में तेजी से धर्मांतरण के दावों के बीच यह पहल चर्चा में है। जानकारी के मुताबिक, लखनपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत पटकुरा में मझवार समाज के तीन परिवारों की घर वापसी का कार्यक्रम आयोजित किया गया। पंचायत के सरपंच और समाज के प्रमुख सोनसाय मझवार ने इसकी पहल की। मझवार समाज के तीन परिवारों सालिक राम, बैगा राम मझवार ओर बढाईक राम मझवार ने करीब पांच वर्ष पूर्व ईसाई धर्म अपना लिया था। वे ईसाई रीति रिवाज को मानने लगे थे। समाज की समझाईश के बाद हुई वापसी
सरपंच सोनसाय मझवार ने बताया कि समाज के प्रमुखों ने बैठक आयोजित कर तीनों परिवारों के प्रमुखों और अन्य लोगों को समझाइश दी। मझवार समाज अनुसूचित जन जाति वर्ग में आते हैं। ये परंपरागत रूप से हिंदू धर्म को मानते हैं। तीनों परिवारों ने समझाइश के बाद हिंदू धर्म में वापसी के लिए अपनी सहमति दे दी। सहमति के बाद समाज के लोगों ने पूजा पाठ के साथ कलश के दीप जलाकर तीनों परिवारों को वापस हिंदू धर्म में प्रवेश कराया। तीनों परिवारों के सदस्यों ने हिंदू धर्म एवं परंपरागत पूजा पाठ में शामिल होने का वचन दिया। तीनों परिवारों की हिंदू धर्म में वापसी का समाज में जश्न भी मनाया गया और रात्रि भोज का आयोजन किया गया। सरपंच सोनसाय मझवार ने कहा कि सरगुजा जिले के पिछड़े इलाकों में मझवार समाज के कई लोग झांसे में आकर ईसाई धर्म अपना रहे हैं, उन्हें जागरूक करने की जरूरत है।
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