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सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था की दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आई हैं। पहली तस्वीर अनिरुद्ध शर्मा प्राथमिक शाला, कुशालपुर की है, जहां बच्चे आज भी टाटपट्टी पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। वहीं दूसरी तस्वीर आरडी तिवारी सरकारी स्कूल की है, जहां विद्यार्थियों के लिए बेंच-डेस्क की सुविधा उपलब्ध है और वे आरामदायक माहौल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। एक ही शहर के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का यह अंतर शिक्षा व्यवस्था में असमानता को उजागर करता है। सवाल यह है कि सभी बच्चों को समान सुविधाएं कब तक मिल पाएंगी। शाला प्रवेशोत्सव: भोजन मंत्र और राज्यगीत के साथ पढ़ाई रायपुर|प्रदेश के शासकीय स्कूलों में मंगलवार से नए शिक्षा सत्र की शुरुआत हुई। शाला प्रवेशोत्सव के तहत नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं पुष्प भेंट कर स्वागत किया गया। पहले दिन विद्यालयों में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, सरस्वती वंदना और गुरुमंत्र के साथ शैक्षणिक गतिविधियों का शुभारंभ हुआ। विद्यार्थियों ने कतारबद्ध होकर भोजन मंत्र के साथ मध्यान्ह भोजन ग्रहण किया, जबकि दिनभर की पढ़ाई के बाद राज्यगीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र के साथ प्रथम दिवस का समापन हुआ। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयार नई दिनचर्या के तहत यह व्यवस्था अब प्रतिदिन लागू रहेगी। प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां अनिवार्य होंगी। वहीं मध्यान्ह भोजन से पहले भोजन मंत्र तथा छुट्टी के समय राज्यगीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का सामूहिक वाचन कराया जाएगा। नए सत्र के पहले दिन विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया गया। इसके साथ ही विद्यार्थियों के नामांकन बढ़ाने और उन्हें विद्यालयों से जोड़ने के उद्देश्य से 27 जून तक प्रदेशभर में 12 दिवसीय शाला प्रवेशोत्सव अभियान चलाया जाएगा।
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