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संघर्ष की जीत:गजेंद्र यादव ने पालकों और बच्चों के साथ उनकी समस्याओं पर बात की…




दो दिन पहले जिन बच्चों ने अपने अधिकार की मांग को लेकर चक्काजाम किया था, वह संघर्ष मुकाम तक पहुंच गया। पेंड्रावन स्वामी आत्मानंद शासकीय स्कूल में उनके बीच गुरुवार को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव पहुंच गए। मंत्री ने छात्राओं और उनके पालकों से सीधे की। बच्चों ने जवाब में कहा, ‘थैंक्यू सर, आप यहां आए। हमारी कोई सुन नहीं रहा था।’ मंत्री ने कहा- ‘आप सब हमारी बेटियां हैं। बेटियों को कभी परेशानी नहीं होने दूंगा।’ बच्चों ने कहा- सर, पानी की समस्या है, इसे भी दूर कराएं। इस पर मंत्री ने सिर हिलाया। कहा- ‘हमारे बच्चे हमारा भविष्य हैं… और भविष्य से कभी दूरी नहीं बनाई जाती। उन्होंने कहा कि बच्चों की हर जायज चिंता को सरकार सुनेगी। ‘शिक्षकों का आदेश 5:30 बजे ही कर दिया था, रात 10 बजे तक क्यों बैठे?’ बच्चों ने बताया कि पहले भी आंदोलन किया था, इसलिए इस बार उन्हें लगा कि सिर्फ आश्वासन मिलेगा। इस पर मंत्री ने कहा, शिक्षकों की मांग पर उन्होंने शाम 5:30 बजे ही आदेश दे दिया था, फिर बच्चे देर रात तक क्यों बैठे रहे? बच्चों ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं दी गई। कुछ लोगों ने रुकने के लिए कहा था। मंत्री से फोन पर बात होने के बाद उन्हें इसका पता लगा। मंत्री ने बच्चों को समझाया कि किसी के बहकावे में न आएं। अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें। बच्चों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन समाधान का रास्ता संवाद होना चाहिए। उनकी पढ़ाई प्रभावित नहीं हो और किसी बच्चे पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ना चाहिए। कंप्यूटर रखा है, पढ़ाने वाला नहीं… मंत्री ने दिया आदेश बातचीत के दौरान बच्चों ने स्कूल की एक और समस्या बताई- “सर, हमारे यहां कंप्यूटर रखा हुआ है, लेकिन कोई पढ़ाता ही नहीं है।” मंत्री ने तत्काल कंप्यूटर की पढ़ाई शुरू कराने का निर्देश दिया। स्कूल में लगी दो एलईडी स्क्रीन का भी उपयोग शुरू करने और स्मार्ट क्लास चालू कराने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों ने स्कूल की अन्य आवश्यकताएं भी मंत्री के सामने रखीं। मंत्री ने सभी जायज समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके यथाशीघ्र निराकरण का भरोसा दिलाया।



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