डौंडीलोहरा| संजय नगर स्थित शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ व्याख्याता प्रदीप कुमार मेश्राम द्वारा लिखित विज्ञान एवं आध्यात्म पर आधारित तृतीय उपन्यास मंगल अमंगल का विमोचन स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दुर्ग स्थित उनके कार्यालय में किया। उपन्यास मंगल अमंगल विज्ञान, कल्पना और आध्यात्मिक चिंतन का अनूठा समन्वय प्रस्तुत करता है। इसकी कथा मानव की मानसिक एवं आत्मिक शक्तियों के संगम पर आधारित है। उपन्यास में वर्तमान समय के कुछ लोगों द्वारा समय यात्रा करते हुए ईस्वी 2526 में मंगल ग्रह पर पहुंचने की कल्पना की गई है, जहां मनुष्यों द्वारा बसाई गई बस्ती गंभीर संकट का सामना कर रही होती है। कहानी में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच मंगल ग्रह पर निवास कर रहे मानव समुदाय को सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाने के प्रयास को दर्शाया गया है। उपन्यास विज्ञान कथा के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं, साहस, आध्यात्मिक चेतना एवं भविष्य की संभावनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। विमोचन अवसर पर उपस्थित लोगों ने लेखक प्रदीप कुमार मेश्राम को उनकी इस नई साहित्यिक उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उपन्यास की विषयवस्तु की सराहना की।
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