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बीजापुर में प्रधानाध्यापक राजू पुजारी आत्महत्या मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ठेकेदार देबाशीष मंडल को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अन्य दो आरोपियों की तलाश जारी है। मृतक राजू पुजारी ने अपने सुसाइड नोट में ठेकेदार, समग्र शिक्षा के एपीसी डोंगरे और इंजीनियर शैलेश वासम सहित विभाग को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। इन धाराओं में कार्रवाई बीजापुर कोतवाली पुलिस ने देबाशीष मंडल को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 3(5) के तहत हिरासत में लिया है। सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप राजू पुजारी ने सुसाइड नोट में लिखा था कि भवन निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब थी और इसके लिए ठेकेदार, एपीसी और इंजीनियर जिम्मेदार हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि इस मामले में उनकी कोई गलती नहीं है और उनके परिवार की जिम्मेदारी यही लोग संभालेंगे। कई बार की थी शिकायत बताया गया कि करीब 20 लाख 30 हजार रुपए की लागत से बन रहे भवन की गुणवत्ता को लेकर पुजारी ने कई बार उच्च अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। क्या कहती है धारा 108 BNS की धारा 108 आत्महत्या के लिए उकसाने या दुष्प्रेरण से जुड़ी है, जिसमें 10 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। वहीं धारा 3(5) ऐसे मामलों में लगाई जाती है, जहां कई लोग मिलकर एक समान इरादे से अपराध करते हैं। पुलिस का बयान कोतवाली टीआई दुर्गेश शर्मा ने बताया कि मामले में सबूत जुटाए जा रहे हैं और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि बाकी दोनों आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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