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कोंडागांव में विश्व मलेरिया दिवस के मौके पर स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में मलेरिया जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसके तहत स्वास्थ्यकर्मी गांव-गांव जाकर लोगों को मलेरिया से बचाव, लक्षण और समय पर इलाज की जानकारी दे रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. के. चतुर्वेदी ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों में जागरूकता बढ़ाना और मलेरिया से बचने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि मलेरिया एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जो मादा एनोफिलीस मच्छर के काटने से फैलती है। यह बीमारी खासतौर पर ग्रामीण और वन क्षेत्रों में ज्यादा असर डालती है। बचाव के बताए जा रहे उपाय स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों को मलेरिया से बचने के लिए कई जरूरी बातें बता रही है, जैसे: टीम ने लोगों को बताया कि अगर बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द या शरीर दर्द जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। गांवों में जांच और दवा की व्यवस्था अभियान के दौरान मलेरिया जांच के लिए रैपिड टेस्ट किट का उपयोग किया जा रहा है। संदिग्ध मरीजों को तुरंत दवाइयां भी दी जा रही हैं। इसके अलावा गांवों में कीटनाशक छिड़काव और लार्वा नियंत्रण का काम भी किया जा रहा है, ताकि मच्छरों की संख्या कम की जा सके। लोगों से सहयोग की अपील स्वास्थ्य विभाग ने सभी लोगों से इस अभियान में सहयोग करने और मलेरिया मुक्त समाज बनाने में भागीदारी निभाने की अपील की है। विभाग का कहना है कि जागरूकता और सावधानी ही मलेरिया से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।
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