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बिलासपुर में लगातार बढ़ती गर्मी और तेज लू ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बुधवार को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। हालात को देखते हुए जिला स्वास्थ्य समिति ने नागरिकों के लिए खास एडवाइजरी जारी की है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है। विभाग का कहना है कि अत्यधिक गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। जिले के साथ-साथ शहर में भी सूरज के तेवर लगातार तीखे होते जा रहे हैं, जिससे पूरा इलाका भीषण गर्मी की चपेट में है। बुधवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक रहा। इस आंकड़े के साथ बिलासपुर लगातार तीसरे दिन पूरे छत्तीसगढ़ का सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया है। इससे पहले 18 मई को 43 डिग्री सेल्सियस और 19 मई को 43.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। मई महीने में बीते 10 सालों में यह पांचवीं बार है, जब बिलासपुर में रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी महसूस की जा रही है। अगले 5 दिन हीट वेव का अलर्ट मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आगामी पांच दिनों तक बिलासपुर सहित मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो इलाकों में तीव्र ग्रीष्म लहर यानी हीट वेव चलने की प्रबल आशंका है। हालांकि राहत की बात यह है कि अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। यानी पारा मौजूदा स्तर के आसपास ही बना रह सकता है। लू लगने के प्रमुख लक्षण जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि लू लगने पर तेज बुखार, चक्कर आना, उल्टी-मितली, सिरदर्द, बेहोशी और त्वचा का लाल व सूखा होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण महसूस होने पर व्यक्ति को तुरंत छांव या ठंडी जगह पर ले जाकर शरीर को ठंडा करना चाहिए। साथ ही पानी या ओआरएस पिलाने की सलाह दी गई है। स्थिति गंभीर होने पर मरीज को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराने और डॉक्टर से इलाज कराने की सलाह दी गई है। क्या करें, क्या न करें स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को दिनभर अधिक मात्रा में पानी, ओआरएस, छाछ, नींबू पानी समेत अन्य तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है। साथ ही तरबूज, खीरा, ककड़ी, मौसमी फल समेत हरी सब्जियों का सेवन बढ़ाने को कहा गया है। धूप में बाहर निकलते समय सिर को गमछा, टोपी या छाते से ढंकने की सलाह दी गई है। इसके अलावा हल्के, ढीले कपड़े पहनने समेत खाली पेट धूप में बाहर नहीं निकलने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने चाय, कॉफी समेत अधिक तले-भुने खाद्य पदार्थों का सेवन कम करने की अपील की है। बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं सबसे अधिक संवेदनशील स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं लू के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील होती हैं। ऐसे में उनका विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। तेज धूप और गर्म हवाओं से बचाने के लिए परिवार के सदस्यों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आपात स्थिति में यहां करें संपर्क गर्मी और लू से संबंधित किसी भी आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर 87706-64365 और 75870-38622 पर संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और स्वास्थ्य संबंधी निर्देशों का पालन करें, ताकि भीषण गर्मी के दुष्प्रभावों से बचा जा सके।
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