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करीब एक महीने पहले सोशल मीडिया में पीली फाइल लेकर वीडियो जारी करने वाले बीजेपी नेता जय प्रकाश यादव को राजनांदगांव पुलिस ने फरार घोषित करते हुए उस पर 5 हजार रुपए का इनाम रख दिया है। जय प्रकाश यादव वही नेता है जिन्होंने मार्च महीने में वीडियो जारी कर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन को जान से मारने की साजिश का खुलासा किया था। हालांकि इससे पहले ही जय प्रकाश यादव पर राजनांदगांव और दुर्ग में नौकरी का झांसा देकर ठगी का मामला दर्ज हो चुका था।
जय प्रकाश यादव मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल के राष्ट्रीय युवा मोर्चा के अध्यक्ष बताए जा रहे हैं। वो पूर्व पार्षद भी रहे हैं और वैशाली नगर विधानसभा से बीजेपी से बागी होकर चुनाव भी लड़ चुके हैं। हालांकि उसके बाद जय प्रकाश यादव को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है। जय प्रकाश यादव पर राजनांदगांव और दुर्ग जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर एफआईआर दर्ज है। राजनांदगांव के डोंगरगढ़ में 5 लोगों से 11 लाख की ठगी तो दुर्ग के सुपेला थाना में 6 लोगों से 16 लाख की ठगी का आरोप है। आरोपी जय प्रकाश यादव की तलाश में राजनांदगांव पुलिस जुटी हुई है। उसे पकड़ने या उसके बारे में सही जानकारी देने वाले को 5 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की गई है। पुलिस ने इसका पोस्टर भी सोशल मीडिया पर जारी किया है। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ऐंठे पैसे
22 अप्रैल को जय प्रकाश यादव को फरार घोषित किया गया। उसके खिलाफ डोंगरगढ़ थाना में मामला दर्ज है। यह केस 24 फरवरी को दर्ज हुआ था, जिसमें उस पर 5 लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने और वापस न करने का आरोप है। जानिए क्या है पूरा मामला
डोंगरगढ़ के रहने वाले धीरज साहू ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। धीरज ने बताया कि उसकी पहचान डोंगरगढ़ निवासी देवेंद्र कुमार गोरले से थी। बातचीत के दौरान देवेंद्र अक्सर भिलाई निवासी जय प्रकाश यादव से फोन पर बात कराता था। दोनों मिलकर कहते थे कि उनकी बड़े अधिकारियों तक पहुंच है और वे सरकारी नौकरी लगवा सकते हैं। धीरज के अनुसार दोनों ने उसे कलेक्टर ऑफिस खैरागढ़ में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बदले 5 लाख रुपए मांगे गए। धीरज ने उनकी बातों में आकर 7 अप्रैल 2023 को 2 लाख रुपए नगद दे दिए। पैसे देने के बाद भी उसकी नौकरी नहीं लगी और रकम भी वापस नहीं मिली। नौकरी दिलाने के नाम पर 5 लोगों से लिया था पैसा
बाद में प्रार्थी को पता चला कि वह अकेला शिकार नहीं है। इसी तरह कई और लोगों से भी पैसे लिए गए थे। इनमें बसंत साहू से 2.5 लाख रुपए, बृजभूषण सिन्हा से 2 लाख रुपए, उमा भारती लिल्हारे से 1.5 लाख रुपए और शिव कुमार टेम्भुरकर से 3 लाख रुपए लिए गए। इस तरह कुल 11 लाख रुपए की ठगी सामने आई है। इस मामले में राजनांदगांव पुलिस ने देवेंद्र कुमार गोरले और जय प्रकाश यादव के खिलाफ धारा 420 और 34 के तहत केस दर्ज किया था। इस मामले में देवेंद्र कुमार गोरले को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन जय प्रकाश यादव फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। 9 फरवरी को दुर्ग में भी दर्ज हुई थी एफआईआर
दुर्ग जिले में भी जय प्रकाश यादव के खिलाफ एक और बड़ा मामला दर्ज है। यहां उस पर 6 किसानों से करीब 16 लाख रुपए की ठगी का आरोप लगा है। यह मामला सुपेला थाना क्षेत्र का है, जहां 9 फरवरी को उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। दुर्ग में की गई शिकायत के अनुसार, जय प्रकाश यादव खुद को बड़े नेताओं और मंत्रियों से जुड़ा हुआ बताता था। वह गांवों में जाकर लोगों को भरोसा दिलाता था कि वह उनके बच्चों को सरकारी नौकरी दिला सकता है। इसी भरोसे में आकर कई किसानों ने उसे पैसे दिए। हर पोस्ट के लिए अलग से तय थी राशि
दुर्ग में हुई शिकायत में बताया गया कि अलग-अलग नौकरियों के लिए अलग-अलग रकम तय थी। सब इंस्पेक्टर और स्टाफ नर्स की नौकरी के लिए 4-4 लाख रुपए लिए गए। वहीं, प्यून और अन्य पदों के लिए 1 से 2 लाख रुपए तक वसूले गए। कुल मिलाकर 6 लोगों से करीब 16 लाख रुपए लिए गए। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने पैसे देने के लिए अपनी जमीन तक बेच दी और कुछ ने लोन भी लिया। उन्हें उम्मीद थी कि उनके बच्चों को सरकारी नौकरी मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जब उन्होंने पैसे वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करता रहा। दुर्ग एसएसपी से हुई थी शिकायत
इस मामले में किसानों ने दुर्ग के एसएसपी से शिकायत की थी। उनके पास कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और अन्य सबूत भी मौजूद हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। लेकिन अब इस मामले में राजनांदगांव पुलिस ने जय प्रकाश यादव पर इनाम घोषित किया है। राजनांदगांव पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को जय प्रकाश यादव के बारे में जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा और 5 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा।
सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर आए थे चर्चा में
जय प्रकाश यादव कोसा नगर में रहते हैं। नौकरी के नाम पर पैसे ठगने के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद मार्च में जेपी यादव ने सोशल मीडिया में वीडियो जारी किया था। इसमें उसने एक पीली फाइल दिखाते हुए विधायक रिकेश सेन की हत्या की साजिश का खुलासा किया था। वीडियो में जय प्रकाश यादव ने दावा किया था कि फाइल में सभी साजिशकर्ताओं के नाम हैं, लेकिन उसके बाद न तो वो फाइल सार्वजनिक हुई और न ही जय प्रकाश यादव कहीं नजर आए।
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