राहत राशि के लिए अब ऑनलाइन आवेदन

भास्कर न्यूज | जांजगीर दैवीय आपदाओं और विभिन्न हादसों के पीड़ित परिवारों को मिलने वाली आर्थिक सहायता की प्रक्रिया को जिला प्रशासन ने अधिक पारदर्शी और सुलभ बना दिया है। अब आरबीसी 6-4 (राजस्व पुस्तक परिपत्र) के तहत मिलने वाली राहत राशि के लिए आम नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। नागरिक अब स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में इस नए ऑनलाइन पोर्टल की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण में तथ्यों और अभिलेखों का सूक्ष्मता से परीक्षण कर त्वरित एवं स्पष्ट अभिमत दर्ज करें, ताकि पीड़ितों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से राहत राशि मिल सके। बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार पोयाम, सीएमएचओ डॉ. अनीता श्रीवास्तव, एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक उत्कर्ष तिवारी, सिविल सर्जन डॉ. बीएल. जागृति सहित सभी नोडल अधिकारी और बीएमओ उपस्थित रहे। पंजीयन से लेकर प्रसव तक की होगी निगरानी: कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला का पहली तिमाही में शत-प्रतिशत पंजीयन अनिवार्य रूप से हो। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी और एनीमिक महिलाओं की पहचान कर उनकी नियमित ट्रैकिंग की जाए। संस्थागत प्रसव की स्थिति में कमी पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने मितानिनों को गर्भवती महिलाओं के नियमित गृह भ्रमण और शासकीय अस्पतालों में प्रसव कराने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। इमरजेंसी ट्रांसपोर्ट सर्विस (108 और 102 एंबुलेंस) समय पर उपलब्ध कराने को भी कहा गया। इसके अलावा अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर। समीक्षा बैठक के दौरान टीबी जांच, एसएनसीयू, एनआरसी संचालन, मौसमी बीमारियों और मलेरिया की रोकथाम, लेप्रोसी सर्वे तथा आयुष्मान भारत और वय वंदना कार्ड निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी योजनाओं की पोर्टल पर समयबद्ध एंट्री, अस्पतालों में स्वच्छता और हितग्राहियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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