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रायपुर जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार और बेहतर परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा ‘मिशन उत्कर्ष 2.0’ के तहत 5 दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है। जिसका आज चौथा दिन है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के नेतृत्व में संचालित इस पहल का लक्ष्य शत-प्रतिशत परिणाम हासिल करना और शिक्षण पद्धति को प्रभावी बनाना है। सत्र 2025-26 में ‘मिशन उत्कर्ष’ की सफलता के बाद अब सत्र 2026-27 के लिए इसके उन्नत संस्करण ‘मिशन उत्कर्ष 2.0’ को लागू किया गया है। 10 अप्रैल को रेडक्रॉस भवन में आयोजित बैठक में कलेक्टर की अध्यक्षता में इसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई, जिसमें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन भी उपस्थित रहे। निर्धारित कार्यक्रम के तहत 16 से 21 अप्रैल तक हाई स्कूल स्तर के शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। जेआर दानी कन्या शाला, रायपुर में शुरू हुए इस प्रशिक्षण में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान और गणित विषयों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। शिक्षकों को नये ब्लूप्रिंट सीखाना जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को नवीन ब्लूप्रिंट की समझ देना है। उन्होंने ब्लूप्रिंट आधारित प्रश्न पत्र निर्माण, जटिल विषयों को सरल तरीके से समझाने और गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति अपनाने पर जोर दिया। साथ ही डीपीसी अरुण शर्मा और नोडल अधिकारी निशा शर्मा ने भी शिक्षण को व्यावहारिक और छात्र-केंद्रित बनाने पर बल दिया। शिक्षकों की शत-प्रतिशत हो रही उपस्थिति प्रशिक्षण में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति हो रही। मास्टर ट्रेनर्स द्वारा ऑडियो-वीडियो, पीपीटी और नवाचारपूर्ण तरीकों के माध्यम से विषयवार प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान शिक्षण को रोचक और प्रभावी बनाने के विभिन्न उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
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