![]()
राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित नारी शक्ति वंदन महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने रैली निकालकर अपनी भागीदारी और समर्थन जताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 21वीं सदी का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह साहसिक निर्णय संभव हो पाया है, जिससे महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में प्रभावी भागीदारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से महिलाओं को आरक्षण देने की मांग थी, लेकिन अब इसे लागू करने का रास्ता साफ हुआ है, जिससे देश की आधी आबादी को नई ताकत मिलेगी। परंपरा और योजनाओं से मिल रहा सशक्तिकरण का बल
उन्होंने भारतीय संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन परंपरा में नारी को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। हम माता लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा की पूजा करते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं जैसे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना और महतारी वंदन योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को मिल रहा लाभ
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में ‘महतारी गौरव वर्ष’ मनाया जा रहा है और महतारी वंदन योजना के तहत करीब 70 लाख महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है। इससे महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में लाखों महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जो उनके बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है। 33 प्रतिशत आरक्षण से बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पूर्व राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने के बाद लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जिससे देश के विकास में उनकी भागीदारी और मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महिलाओं का सम्मान कर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।
<
