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रायपुर कमिश्नरेट के नॉर्थ जोन क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त किए गए नशीले पदार्थों का गुरुवार को सिलतरा स्थित पावर प्लांट में नष्टीकरण किया गया। पुलिस ने कोर्ट और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत कार्रवाई करते हुए गांजा, हेरोइन, अफीम, डोडा समेत बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थों को भट्ठी में जलाकर नष्ट किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नॉर्थ जोन के विभिन्न थानों में दर्ज कुल 52 एनडीपीएस प्रकरणों में जब्त सामग्री को नष्ट किया गया। इनमें 272.027 किलोग्राम गांजा, 2.150 किलोग्राम डोडा, 484.49 ग्राम अफीम, 37.839 ग्राम हेरोइन, 5036 टैबलेट और कैप्सूल के साथ 545 शीशी प्रतिबंधित नशीली सिरप शामिल थी। सभी मादक पदार्थों को पर्यावरण सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पावर प्लांट की फर्नेस में जलाया गया। ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में जला ड्रग्स यह कार्रवाई केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में हुई। नष्टीकरण प्रक्रिया के दौरान अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम काम्बले, पुलिस उपायुक्त मयंक गुर्जर, आबकारी उपायुक्त राजेश कुमार शर्मा और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम मौजूद रहे। इसके अलावा खम्हारडीह थाना प्रभारी मानसी साकोरे, उरला थाना प्रभारी रोहित मालेकर और गुढ़ियारी थाना प्रभारी बीएल चंद्राकर सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि जब्त नशीले पदार्थों को लंबे समय तक मालखाने में रखने के बजाय कानूनी प्रक्रिया पूरी कर समय-समय पर नष्ट किया जाता है, ताकि इनके दुरुपयोग की संभावना खत्म हो सके। नशे के खिलाफ लगातार चलेगा अभियान पुलिस अधिकारियों का कहना है, कि रायपुर में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। युवाओं तक मादक पदार्थों की सप्लाई रोकने और ड्रग नेटवर्क तोड़ने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने साफ किया कि भविष्य में भी एनडीपीएस मामलों में जब्त सामग्री का नियमानुसार नष्टीकरण जारी रहेगा।
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