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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लूटपाट और चैन स्नौचिंग जैसे मामले आए। जिसमें संदिग्ध व्यक्तियों के द्वारा घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस को सूचना मिलने के बाद तत्काल पुलिस जवान मौके पर पहुंचे और संदिग्धों को पुलिस ने पकड़ लिया। दरअसल यह पुलिस का मॉक ड्रिल था, जो जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में किया गया। जिले के रायगढ़ शहर, खरसिया और धरमजयगढ़ क्षेत्र में लूटपाट, चैन स्नैचिंग और संपत्ति संबंधी घटनाओं के बाद पुलिस रिस्पॉन्स, नाकेबंदी व्यवस्था और संदिग्धों की जांच को परखने के लिए लाइव मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस विशेष अभ्यास की खास बात यह रही कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं गोपनीय तरीके से इसमें शामिल होकर मौके पर पुलिसकर्मियों की प्रतिक्रिया, चेकिंग व्यवस्था और अपराधियों की धरपकड़ की रणनीति का निरीक्षण करते रहे। पहला मॉक ड्रिल बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ चौक पर किया गया। जहां कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि सिविल लाइन रोड पर एक महिला से चेन स्नैचिंग हुई है और बाइक सवार दो आरोपी सत्तीगुड़ी चौक की ओर भागे हैं। सूचना मिलते ही कोतवाली और चक्रधरनगर पुलिस ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर तत्काल नाकेबंदी शुरू की। इसी दौरान रेलवे स्टेशन के पास बैग लूट की दूसरी घटना का डेमो भी कराया गया। डेमो में शामिल संदिग्ध शहर भ्रमण के बाद ओड़िशा रोड की ओर भाग रहे थे, जिन्हें पहाड़ मंदिर के पास पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया।
लूटपाट की घटना का किया मॉक ड्रिल
दूसरा मॉक ड्रिल खरसिया थाना क्षेत्र में की गई। जहां कंट्रोल रूम से लूटपाट की सूचना मिली। सूचना के आधार पर थाना व चौकी स्तर पर तत्काल नाकेबंदी कर प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों पर सघन जांच शुरू की गई। जहां एक संदिग्ध को चौकी खरसिया पुलिस ने रायगढ़ चैक पर पकड़ा, जबकि दूसरे संदिग्ध को मदनपुर चैक पर घेराबंदी कर दबोच लिया। तीसरा संदिग्ध मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। इस कार्रवाई में तीन संदिग्धों में से दो को पकड़कर पुलिस ने त्वरित रिस्पॉन्स और प्रभावी नाकेबंदी का सफल प्रदर्शन किया। इस मॉक ड्रिल का संचालन SDOP खरसिया प्रभात पटेल के नेतृत्व में किया गया।
चैन स्नैचिंक को लेकर कापू रोड पर घेराबंदी
तीसरा मॉक ड्रिल धरमजयगढ़ थाना में क्षेत्र में की गई। इसमें कंट्रोल रूम से सूचना दी गई कि दशहरा मैदान में एक युवती से चैन स्नैचिंग कर बाइक सवार दो डमी आरोपी कापू रोड की ओर भागे हैं। आरोपियों के हुलिए और वाहन की जानकारी तत्काल सभी प्वाइंट पर प्रसारित की गई। एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्दांत तिवारी के नेतृत्व में धरमजयगढ़ पुलिस ने कापू रोड पर घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया और सफल कार्रवाई का प्रदर्शन किया।
समय-समय पर मॉक ड्रिल कराई जाती है
SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि अपराध के बाद पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और नाकेबंदी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समय-समय पर इस प्रकार की मॉक ड्रिल कराई जाती है। जहां सुधार की आवश्यकता होती है, वहां आवश्यक सुधार सुनिश्चित किया जाता है। आज की मॉक ड्रिल में पुलिसकर्मी प्रभावी रिस्पॉन्स के साथ सफल साबित हुए हैं।
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