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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला जेल में बंद विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। उसके परिजनों ने कोतरा रोड थाने में पदस्थ दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ पैसे लेन-देन का आरोप लगाया था। अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने प्रधान आरक्षक श्याम देव साहू और आरक्षक शंभु चौहान को सस्पेंड कर दिया है। दरअसल, 13 जून को बंदी संजय बघेल की मौत हुई थी। मामले की जानकारी जब उसके परिजनों को लगी, तो वे मौके पर पहुंचे और अस्पताल में जमकर हंगामा किया। इस दौरान वहां हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। परिजनों का आरोप था कि जेल में युवक के साथ मारपीट की गई थी, जिस कारण उसकी हालत बिगड़ी। मृतक के पिता का आरोप था कि, सामाजिक कार्यक्रम से पुलिस ने 2 लोगों को पकड़ा था। दूसरे युवक को 40 हजार लेकर छोड़ दिया गया। वहीं पैसे नहीं देने पर बेटे को पुलिस पकड़कर ले गई थी। इस मामले की रविवार को पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई थी। कांग्रेस ने जांच समिति गठित की इस मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 6 सदस्यीय जांच टीम गठित की है। सरायपाली विधायक चातुरी नंद की अध्यक्षता में यह टीम बनाई गई है। इसमें लैलूंगा विधायक विद्यावति सिदार, विधायक बिलाईगढ़ कवित प्राणलहरे, विधायक पामगढ़ शेषराज हरबंश, जिलाध्यक्ष ग्रामीण नागेन्द्र नेगी और शहर अध्यक्ष शाखा यादव शामिल हैं। जांच समिति जेल प्रबंधन, पीड़ित परिजनों और अन्य लोगों से मिलकर जानकारी लेंगे और रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेंगे। जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, 10 जून को कोतरारोड थाना क्षेत्र के नवापारा गांव निवासी संजय बघेल (28) को अवैध शराब बिक्री के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा था। शनिवार सुबह जेल में उसकी तबीयत खराब हो गई। इसके बाद जेल प्रशासन ने उसे तत्काल रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान दोपहर में उसकी मौत हो गई, जिसकी खबर मिलते ही रिश्तेदार और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने अचानक हुई मौत पर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। रिश्तेदारों का आरोप है कि जेल में संजय बघेल के साथ मारपीट की गई थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई। उनका यह भी कहना है कि घटना के कई घंटे बाद तक उन्हें शव देखने की अनुमति नहीं दी गई। वहीं इस मामले को लेकर रविवार को भी मृतक के परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में नाराजगी जाहिर की। साथ ही पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले में न्यायिक जांच की मांग करते हुए, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को 1 करोड़ मुआवजा देने की मांग की है।
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