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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी फेडरेशन के द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। मिनी स्टेडियम में सभी कर्मचारी इक्ट्ठा हुए और अपनी मांगो को लेकर नारे लगाए। प्रदर्शनकारी धरना स्थल से रैली के रूप में निकलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर उनकी मांगो को पूरा करने की मांग की है। शुक्रवार की दोपहर में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी फेडरेशन के श्रमिक वाहन चालक, कम्पयुटर ऑपरेटर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, कार्यालय सहायक, तेंदूपत्ता गोदाम चौकीदार और स्कूल सफाई कर्मचारी काफी संख्या में शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी मिनी स्टेडियम पहुंचे। इसमें रायपुर, बलौदाबाजार, रायगढ़, धमतरी, गरियाबंद, राजनांदगावं समेत पूरे प्रदेश के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शामिल थे। जिन्होंने अपनी मांगो को लेकर जमकर नारे लगाए। उनका कहना था कि पूर्व में अपनी मांगो को लेकर फेडरेशन द्वारा आंदोलन किया गया था, तब मांगो को पूरा करने का आश्वसन दिया गया, लेकिन अब तक मांगे पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में धरना स्थल से निकलकर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर जल्द ही उनकी मांगो को पूरा करने की मांग की है।
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की मांग
1. समस्त विभाग, निगम, मंडल, बोर्ड में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी, वाहन चालक, कार्यालय सहायक कम्प्यूटर ऑपरेटर, डाटा एन्टी आपरेटर, दैनिक श्रमिक, सुरक्षा श्रमिक, तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिक का जल्द से जल्द नियमितीकरण किया जाए। 2. समस्त विभाग, निगम, मंडल, बोर्ड में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी, वाहन चालक, कार्यालय सहायक कम्प्यूटर ऑपरेटर, डाटा एन्टी ऑपरेटर, दैनिक श्रमिक, सुरक्षा श्रमिक, तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिक जिन्होंने 02 वर्ष सेवा पूर्ण कर लिया है, उन्हें मध्यप्रदेश की तर्ज पर स्थाईकरण किया जाए। 3. वन विभाग में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी, वाहन चालक, कार्यालय सहायक कम्प्युटर आपरेटर, डाटा एन्ट्री आपरेटर, दैनिक श्रमिक, सुरक्षा श्रमिक के लिए आकस्मिकता कार्यभारित किये जाने के लिए प्रस्ताव वित्त विभाग में भेजा गया है। जिन्हें स्वीकृति प्रदान करते हुए जल्द पास किया जाए। 4. समस्त विभाग, निगम, मंडल, बोर्ड में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी, वाहन चालक, कार्यालय सहायक कम्प्युटर आपरेटर, डाटा एन्ट्री आपरेटर, दैनिक श्रमिक, सुरक्षा श्रमिक, तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिक व स्कूल सफाई कर्मचारियों के लिए जल्द 4 श्रम संहिता कानून लागू कर केन्द्र के समान वेतन दिया जाए। 5. समस्त विभागों और निगम, मंडल, बोर्ड में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी, वाहन चालक, कार्यालय सहायक कम्प्युटर आपरेटर, डाटा एन्टी आपरेटर, दैनिक श्रमिक, सुरक्षा श्रमिक जिन्हें श्रम सम्मान राशि से वंचित किया गया है उन्हें 4,000 रुपया प्रति माह श्रम सम्मन राशि दिया जाए। 6. समस्त विभागों, निगम, मंडल, बोर्ड में आउटसोर्स, प्लेसमेंट ठेका के माध्यम से कर्मचारी रखें जा रहे हैं उस पर तत्काल रोक लगाते हुए ठेका प्रथा बंद किया जाए। 7. स्कूल शिक्षा विभाग में स्कूल सफाई कर्मचारियों को 3500 रुपया मानदेय देकर अल्प वेतन पर कार्य कराया जा रहा है। जिसे 8 घंटा कार्य लेकर पूर्णकालिक करते हुए श्रमायुक्त दर से वेतन प्रदान किया जाए। 8. समस्त विभागों में तृतिय व चतुर्थ श्रेणी के जितने भी सीधी भर्ती के रिक्त पद हैं। उस पदो पर सर्व प्रथम योग्यता व अनुभव के आधार पर दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को समाहितीकरण किया जाए। 9. 1 मई मजदूर दिवस के दिन कों श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए सवैतनीक शासकीय अवकाश घोषित किया जाए। 10. वन विभाग में संयुक्त वन प्रबंधन समिति, एएनआर, वन विकास अभिकरण, वृक्षारोपण में कार्य करने वाले सुरक्षा श्रमिकों को प्रतिमाह समिति के माध्यम से केवल 4-6 हजार रुपये मासिक वेतन भुगतान किया जाता है। जबकी उक्त सुरक्षा श्रमिक 12 घंटा कार्य करते हैं और गर्मी के दिनों में जब जंगलों में आग लगती है तो 16 से 18 घंटे काम करते हैं। इसके बाद भी अल्प वेतन दिया जाता है, जो उचित नहीं है। संयुक्त वन प्रबंधन समिति, एएनआर, वन विकास अभिकरण, पौधरोपण में काम करने वाले सुरक्षा श्रमिकों को प्रतिमाह श्रमासुक्त दर से वेतन भुगतान किया जाए।
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