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राजनांदगांव शहर के ऐतिहासिक रानीसागर तालाब का कायाकल्प किया जा रहा है। जिला प्रशासन और नगर निगम की एक महत्वाकांक्षी योजना के तहत इसे हाईटेक ग्लो गार्डन के रूप में विकसित किया जाएगा। लगभग 40 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट शहरवासियों के लिए मनोरंजन का नया केंद्र बनेगा और छत्तीसगढ़ में संस्कृति व आधुनिकता के संगम के लिए पहचान बनाएगा। इस प्रोजेक्ट में चौपाटी, महिला घाट, टॉय ट्रेन और वॉकिंग ट्रैक जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। परियोजना का मुख्य उद्देश्य तालाब के प्राकृतिक पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए इसे वैश्विक स्तर के पर्यटन स्थल में बदलना है। शाम होते ही रानीसागर का पूरा क्षेत्र एक जादुई रोशनी से जगमगा उठेगा। यहां लेजर, शेड, पेरीफेरी और फ्लशलाइट्स जैसी विशेष आधुनिक लाइटों का उपयोग होगा, जो इसके प्राकृतिक स्वरूप को और जीवंत बनाएंगी। तालाब के चारों ओर और बीच में डिजिटल स्कल्पचर्स लगाए जाएंगे, जो आगंतुकों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, महापुरुषों और ऐतिहासिक गाथाओं से परिचित कराएंगे। सांस्कृतिक और पारंपरिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक अत्याधुनिक ओपन एयर एम्फीथिएटर (खुला रंगमंच) का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही, स्थानीय और अन्य लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाने के लिए एक सुव्यवस्थित फूड कोर्ट एरिया भी विकसित होगा। बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। तालाब के किनारे एक आकर्षक टॉय ट्रेन ट्रैक बनाया जाएगा। इसके अलावा, बोटिंग सुविधा को भी नए और सुरक्षित रूप में फिर से शुरू किया जाएगा। पाथ-वे, साइकलिंग ट्रैक और ग्रीन बेल्ट तालाब के चारों ओर एक लंबा और खूबसूरत वॉकिंग पाथ-वे तथा साइकलिंग ट्रैक का निर्माण किया जाएगा, ताकि सुबह और शाम के वक्त लोग स्वास्थ्य लाभ ले सकें। किनारे पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कर एक घना ग्रीन बेल्ट (हरियाली क्षेत्र) तैयार किया जाएगा, जिससे शहर के लोगों को शुद्ध हवा और शांत वातावरण मिल सके। ऐतिहासिक ‘महिला घाट’ का जीर्णोद्धार छत्तीसगढ़ के इतिहास और महिलाओं के सम्मान को ध्यान में रखते हुए एक समर्पित महिला घाट का निर्माण किया जाएगा। इतिहास में इस तालाब का उपयोग रानियों द्वारा स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए किया जाता था, उसी तर्ज पर महिलाओं की निजता और सुविधा को ध्यान में रखकर इसे विशेष रूप से डिजाइन किया जा रहा है। तालाब का शुद्धिकरण और रखरखाव इस प्रोजेक्ट के तहत तालाब के पानी को साफ रखने के लिए आधुनिक फिल्टर प्लांट और वाटर एरिएटर लगाए जाएंगे। तालाब के गंदे पानी को अंदर आने से रोकने के लिए एक ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाएगा, जिससे पानी हमेशा स्वच्छ और पारदर्शी बना रहे। अधिकारियों का क्या कहना है? प्रोजेक्ट के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि रानीसागर के सौंदर्यीकरण का यह प्रस्ताव पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) है। निर्माण कार्य के दौरान तालाब के मूल स्वरूप या जलीय जीवन को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट राजनांदगांव के पर्यटन और स्थानीय रोजगार को एक नई दिशा देगा। रानीसागर का यह हाईटेक ग्लो गार्डन प्रोजेक्ट राजनांदगांव के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। संस्कृति, तकनीक और आधुनिकता का यह अनूठा संगम आने वाले समय में सैलानियों के लिए आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।
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