![]()
राजनांदगांव जिला प्रशासन ने कृषि और सामाजिक कल्याण से जुड़ी दो महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की। कलेक्टर जितेंद्र यादव ने पीएम आशा योजना के तहत किसानों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए, वहीं जिले में अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के सफल क्रियान्वयन की उपलब्धियां भी साझा की गईं। कलेक्टर ने खरीफ एवं रबी 2025-26 के लिए प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत दलहन-तिलहन फसलों के पंजीयन और उपार्जन की समीक्षा की। किसानों के लिए दलहन-तिलहन फसलों के रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि को 30 मार्च से बढ़ाकर अब 30 अप्रैल कर दिया गया है। रजिस्ट्रेशन के लिए है 2 पोर्टल यदि पोर्टल पर रकबा प्रदर्शित नहीं होता है, तो ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और पटवारी संयुक्त हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र जारी करेंगे, ताकि किसानों को पंजीयन में कोई असुविधा न हो। रजिस्ट्रेशन एकीकृत किसान पोर्टल और नाफेड के ई-समृद्धि पोर्टल के माध्यम से होगा, जिससे समर्थन मूल्य की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। हमारा लक्ष्य किसानो को लाभ पहुँचाना:कलेक्टर जिले में 43 नई समितियों के गठन के साथ अब सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर 117 हो गई है। कलेक्टर जितेंद्र यादव ने कहा, “हमारा लक्ष्य पीएम आशा योजना के माध्यम से किसानों का वास्तविक रकबा पोर्टल पर दर्ज कर उन्हें अधिक से अधिक लाभ पहुँचाना है।” अंतर्जातीय विवाह में दंपत्ति को दिया जाता है 250000 छत्तीसगढ़ शासन की अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना समाज में अस्पृश्यता निवारण और समानता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अपर कलेक्टर और जिला विवाह अधिकारी सीएल मारकण्डेय ने योजना की प्रगति रिपोर्ट दी । पिछले तीन वर्षों में जिले के 151 दंपत्तियों को कुल 3 करोड़ 77 लाख 50 हजार रुपए की सहायता दी गई है। इस योजना के तहत पात्र जोड़ों को 2 लाख 50 हजार रुपये और एक प्रशंसा पत्र प्रदान किया जाता है। वर्षवार विवरण के अनुसार दी गई सहायता राशि जाने कैसे लें लाभ विवाह का हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के तहत पंजीयन अनिवार्य है। आवेदन शादी के एक वर्ष के भीतर करना होता है। यह योजना समाज में आपसी सम्मान और एकता को मजबूत करने का कार्य कर रही है। इस अवसर पर उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर, जिला सहकारी बैंक के सीईओ सुधीर सोनी, नाफेड के राज्य प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
<
