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रायपुर जिले के किसानों के लिए खरीफ सीजन से पहले राहत भरी खबर सामने आई है। कृषि विभाग के अनुसार जिले की सभी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। किसानों को यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी जैसे उर्वरक निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराए जाएंगे। शासन से लगातार उर्वरक की रैक पहुंच रही है, जिससे जिले में फिलहाल खाद की कमी की स्थिति नहीं है। कृषि विभाग ने बताया कि जिले के पंजीकृत किसानों को उनके रकबे के आधार पर सहकारी समितियों से खाद का वितरण किया जाएगा। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर कृषि विभाग के अधिकारी सभी विकासखंडों में समितियों का नियमित निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि किसानों को वितरण के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। खाद वितरण के लिए शासन की नई व्यवस्था
शासन के नए निर्देशों के मुताबिक किसानों को पिछले वर्ष वितरित यूरिया की 80 प्रतिशत मात्रा पारंपरिक यूरिया के रूप में दी जाएगी। शेष 20 प्रतिशत मात्रा पारंपरिक यूरिया उपलब्ध होने पर दी जाएगी, अन्यथा उसकी पूर्ति नैनो यूरिया से की जाएगी। वहीं डीएपी की 60 प्रतिशत मात्रा उपलब्ध कराई जाएगी और बाकी 40 प्रतिशत हिस्सा वैकल्पिक एनपीके उर्वरक या नैनो डीएपी के जरिए दिया जाएगा। नैनो उर्वरक पूरी तरह वैकल्पिक रहेगा कृषि विभाग ने साफ किया है कि किसानों पर नैनो उर्वरक लेने का कोई दबाव नहीं बनाया जाएगा। नैनो उर्वरक पूरी तरह वैकल्पिक रहेंगे और किसान अपनी जरूरत के अनुसार पारंपरिक या नैनो खाद का चयन कर सकेंगे। विभाग ने किसानों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जरूरत पड़ने पर नजदीकी सहकारी समिति या कृषि विभाग से संपर्क करने की अपील की है।
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