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बिलासपुर में डिजिटल अरेस्ट और टेरर फंडिंग का डर दिखाकर रिटायर्ड महिला प्रोफेसर से 1.04 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले गैंग के दो और सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। महाराष्ट्र के रहने वाले आरोपियों से केवल बैंक पासबुक और लेनदेन के रिकार्ड मिले हैं। आरोपियों के खाते में ठगी के 54 लाख 40 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए थे, जिसे मास्टर माइंड निकाल ले गए। पकड़े गए आरोपी पिता-पुत्र दो प्रतिशत कमीशन के चक्कर में अपना अकाउंट ठगों को दे दिया था। सिटी कोतवाली सीएसपी और रेंज साइबर प्रभारी गगन कुमर के अनुसार आरोपियों ने महिला को व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल के संपर्क किया था। ठगों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए महिला को डराया कि उनका नाम किसी आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद महिला को लगातार मानसिक दबाव में रखकर तथाकथित डिजिटल अरेस्ट किया गया। डर और गिरफ्तारी की धमकी देकर ठगों ने महिला से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपए जमा करा लिए। तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण के दौरान पुलिस को पता चला कि आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते में ठगी की 54 लाख 40 हजार रुपए की रकम जमा हुई है। इसके बाद विशेष टीम गठित कर महाराष्ट्र रवाना किया गया। महाराष्ट्र से पकड़ाए पिता-पुत्र
महाराष्ट्र के भंडारा जिले के वरठी थाना के गांधी वार्ड में दबिश देकर पुलिस ने मोहम्मद नेमतउल्लाह मंसूरी (25) पिता अब्दुल कयूम मंसूरी और अब्दुल कयूम अंसारी (47) पिता मोहम्मद शहीद गिरफ्तार कर लिया है। दो प्रतिशत कमीशन की लालच में उपलब्ध कराते थे बैंक खाता
पूछताछ में आरोपी नेमतउल्लाह मंसूरी ने पुलिस को बताया कि वह 2 प्रतिशत कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था। उसी खाते का उपयोग डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड और शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड जैसे मामलों में किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नेपाल के काठमांडू जाकर अपना बैंक खाता अन्य साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी का पिता अब्दुल कयूम अंसारी भी इस अवैध गतिविधि में शामिल था और मुख्य आरोपियों से लगातार मोबाइल के जरिए संपर्क में रहता था। म्यूल अकाउंट के जरिए चल रहा था साइबर नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में अपराधी सीधे अपने खाते का इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि दूसरे लोगों के बैंक खातों को कमीशन देकर उपयोग में लेते हैं। ऐसे खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है। पुलिस अब ऐसे खाताधारकों के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई कर रही है।
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