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रेलवे अपनी कमाई का नायाब तरीका ढूंढा है। रेलवे एक तरफ जहां यात्रियों से पैसा लेकर थोक के भाव में आरक्षण काउंटर से वेटिंग टिकट दे रहा है तो वहीं वेटिंग टिकट में सफर के दौरान पकड़े जाने पर उनसे जुर्माना वसूल कर उनको आगे के स्टेशन में उतार दे रहा है। इससे यात्रियों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। क्योंकि वेटिंग टिकट से सफर करना नियम विरुद्ध है। उसके बाद भी रेलवे धड़ल्ले से वेटिंग टिकट जारी कर रहा है। दैनिक भास्कर की टीम ने रायपुर से मुंबई और दिल्ली जाने वाली ट्रेनों की वेटिंग लिस्ट की पड़ताल की। इस दौरान चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। टीम ने रायपुर से दिल्ली जाने वाली दुर्ग-उधमपुर और समता एक्सप्रेस में वेटिंग लिस्ट की पड़ताल की। इस दौरान इन दोनों ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 100 के पार तो वहीं हावड़ा मुंबई मेल और हटिया कुर्ला में वेटिंग की स्थिति 50 के पार पहुंच गई है। रेलवे अफसरों का तर्क है कि बहुत से लोग ट्रेन जाने से पहले अपनी यात्रा रद्द कर देते हैं। यही वजह है कि वेटिंग लिस्ट दी जा रही है। रोज आ रहीं 90-95 ट्रेनें
मुंबई-हावड़ा मार्ग पर स्थिति रायपुर रेलवे स्टेशन से एक दिन में 90-95 यात्री ट्रेनें एक दिन में गुजरती हैं। गर्मी शुरू होते ही ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक रायपुर स्टेशन पर यात्रियों की संख्या 1 लाख पार कर गई है। भास्कर लाइव एसी हो या स्लीपर: कंफर्म वालों की भी नींद हराम शनिवार की रात दुर्ग स्टेशन से सारनाथ एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर रवाना हुई। ट्रेन रायपुर पहुंची। रायपुर में यात्रियों की भारी भीड़ है। स्टेशन पर रेलवे के जवान और अफसर भारी संख्या में तैनात हैं। जनरल कोच के लिए रेलवे ने प्लेटफार्म पर बैरिकेट कर दिया है। ट्रेन रायपुर से छूटते ही पूरी पैक हो गई है। एसी थर्ड और स्लीपर कोच में वेटिंग वाले यात्री बिना रोक टोक सवार हो रहे हैं। यात्री ने दैनिक भास्कर को बताया कि उसलापुर रेलवे स्टेशन छूटते ही एसी तृतीय श्रेणी के एम वन और एम टू पूरी तरह से पैक हो गया है। यात्री वेटिंग टिकट लेकर कोच में चढ़ गए। कोई यात्री खड़े होकर तो कई जगह मिलने पर बैठ जा रहा है। यात्रियों के विरोध करने पर भी सीट नहीं छोड़ रहे। कई बार यात्रियों में बहस हुई। यात्री ने बताया कि एसी कोच जनरल बोगी की तरह भरी हुई है, पैर रखने की जगह तक नहीं है। वेटिंग टिकट सवार एसी कोच का गेट भी बंद नहीं करने दे रहे। यात्रियों ने बताया कि इससे ज्यादा खराब हाल स्लीपर कोच का है। यात्रियों ने बताया कि जब वेटिंग टिकट से यात्रा प्रतिबंधित है तो रेलवे वेटिंग क्यों दे रहा है और इन पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है।
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