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रायपुर में मॉल पार्किंग को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। जिला उपभोक्ता फोरम ने साफ कहा है कि मॉल परिसर में पार्किंग सुविधा जनता के लिए जरूरी है और इसके लिए अलग से शुल्क लेना अवैध है। इसके बावजूद शहर के कई मॉल्स में अब भी 10 से 30 रुपए तक की वसूली जारी है। फोरम ने एक मामले में मॉल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि पार्किंग पूरी तरह मुफ्त की जाए। साथ ही शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपए मुआवजा देने और 5 हजार रुपए कानूनी खर्च के तौर पर देने का आदेश भी दिया गया है। क्या है उपभोक्ता फोरम का फैसला उपभोक्ता फोरम के मुताबिक, किसी भी व्यावसायिक भवन को अनुमति इस शर्त पर दी जाती है कि पार्किंग व्यवस्था आम लोगों के लिए उपलब्ध होगी। ऐसे में मॉल प्रबंधन द्वारा पार्किंग शुल्क लेना नियमों के खिलाफ है।
फोरम ने साफ किया कि मॉल मालिक दुकान किराए और अन्य माध्यमों से आय अर्जित करते हैं, ऐसे में ग्राहकों से अतिरिक्त पार्किंग शुल्क लेना अनुचित व्यापार व्यवहार है। फिलहाल, आदेश के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे सवाल उठ रहा है कि आखिर इन नियमों का पालन कब सुनिश्चित होगा।
आदेश के बाद भी जारी है वसूली दैनिक भास्कर की टीम ने आदेश के बाद शहर के अलग-अलग मॉल्स में जाकर हकीकत जांची। कई जगह पाया गया कि एंट्री गेट पर पर्ची दी जाती है और बाहर निकलते समय कर्मचारियों द्वारा शुल्क वसूला जाता है। सिटी सेंटर, देवेंद्र नगर: यहां स्टाफ ने पर्ची काटने के नाम पर 20 रुपए लिए। 36 मॉल, तेलीबांधा: यहां भी अंदर जाने वालों से पार्किंग शुल्क लिया जा रहा है। कई जगह कर्मचारियों ने यह भी कहा कि बिना पर्ची के अंदर जाना संभव नहीं है।
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