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सरगुजा के मैनपाट में 14 हाथियों का दल कई दिनों से डटा हुआ है। ये हाथी टाइगर प्वाइंट के आसपास के बस्तियों में रात में घुस रहे हैं व फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हाथियों से अपने घरों को बचाने के लिए लोगों को रतजगा करना पड़ रहा है। हाथी कई बार सड़क में भी आ जा रहे हैं। वनविभाग का अमला हाथियों की निगरानी में जुटा है। मैनपाट के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल टाइगर प्वाइंट से लगे मूसाखोल के जंगल में कई दिनों से हाथी डटे हुए हैं। हाथियों का दल बीती रात मूसाखोल बस्ती में घुस गया। हाथियों ने फसलों को भी नुकसान पहुंचाया। हाथियों को बस्ती से दूर रखने के लिए पूरी रात ग्रामीण जूझते रहे। सुबह हाथियों का दल फिर से जंगल में चला गया। आसपास के गांवों में सहमे लोग
हाथियों की मौजूदगी के कारण मूसाखोल, बिजलहवा, कलजीबा, असकरा, कुनिया बस्तियों के लोगों को जागकर रात गुजारनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि शाम ढलने के बाद हाथी जंगल से निकलकर बस्तियों की ओर आ जाते हैं। इसके कारण उन्हें घरों और फसल को बचाने रात को रखवाली करनी पड़ रही है। वनविभाग की टीम भी हाथियों की निगरानी कर रही है, लेकिन वे हाथियों के आगमन की सूचना लोगों को देखकर सतर्क करने के अलावे कुछ भी करने की स्थिति में नहीं हैं। सड़क में आ रहे हाथी, दहशत में लोग
हाथियों का दल लगातार मैनपाट-सीतापुर मुख्य मार्ग में आ जा रहे हैं। वनविभाग की टीम मार्ग में आने-जाने वालों को सतर्क कर रही है। हालांकि हाथी अभी आक्रामक नहीं दिखे हैं। हाथियों की मौजूदगी के कारण शाम चार बजे के बाद टाइगर प्वाइंट जाने वाले लोगों को भी रोका जा रहा है।
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