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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बलरामपुर दौरे पर सुशासन तिहार के तहत आयोजित समीक्षा बैठक में प्रशासनिक सख्ती और जनसेवा का संदेश दिया। बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक अधिकारी सड़क मरम्मत की सही जानकारी नहीं दे पाए। इस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें तत्काल बैठक से बाहर जाकर सटीक जानकारी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि “सरकार का विकास सड़क से ही दिखता है।” सीएम ने मानसून से पहले सभी सड़कों की मरम्मत पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आबादी वाले क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता देने को कहा और चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सख्ती के साथ ही उन्होंने अधिकारियों को जनसेवा का महत्व भी समझाया। राजस्व रिकॉर्ड होंगे डिजिटल सीएम ने कहा कि सभी सरकारी कार्यालय “सेवा तीर्थ” हैं और जनता की सेवा करना ही उनका मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। आम नागरिकों को राहत प्रदान करने के लिए, उन्होंने राजस्व अभिलेखों के डिजिटलीकरण की घोषणा की। इससे लोग घर बैठे खसरा-नक्शा प्राप्त कर सकेंगे। DMF फंड के उपयोग पर सख्ती साथ ही मुख्यमंत्री ने जल्द ही “मुख्यमंत्री हेल्प लाइन” शुरू करने की बात कही, जहां लोग टोल-फ्री नंबर पर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। उन्होंने जिला खनिज निधि (DMF) के उपयोग को लेकर भी सख्त निर्देश दिए और कहा कि 70 प्रतिशत राशि खदान प्रभावित गांवों पर ही खर्च की जाए, न कि मुख्यालयों पर। अधिकारियों को सख्त निर्देश इसके अलावा सीएम ने पेयजल व्यवस्था, मौसमी बीमारियों से निपटने की तैयारी और किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को अपने अधीनस्थ अधिकारियों का नियमित मूल्यांकन करने औक आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
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