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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धमतरी में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने 465 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाले 102 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। कार्यक्रम पुरानी कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित हुआ, जहां कई विभागों के शिविर भी लगाए गए। शिविरों में ग्रामीणों ने आवेदन सौंपे और अपनी समस्याएं दर्ज कराईं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के काफिले में 10 से अधिक वाहन नजर आए। हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी ने ईंधन बचाने की अपील की थी। अमेरिका-ईरान तनाव के कारण संभावित ईंधन संकट की आशंका के बीच प्रधानमंत्री ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने को कहा था। प्रधानमंत्री की अपील के बाद मुख्यमंत्री साय ने अपने काफिले में 50 प्रतिशत गाड़ियों की कटौती करने की बात कही थी। इसके बावजूद धमतरी कार्यक्रम में उनके काफिले में करीब 10 गाड़ियां शामिल दिखीं। 465 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात धमतरी विधानसभा क्षेत्र को 465 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली। मुख्यमंत्री ने 423 करोड़ 52 लाख रुपए से अधिक लागत वाले 52 कार्यों का भूमिपूजन किया। साथ ही 41 करोड़ 50 लाख रुपए से अधिक लागत वाले 50 कार्यों का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं मुख्यमंत्री ने मंच से कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। महापौर की मांग पर अंबेडकर चौक से रुद्री चौक तक फोरलेन सड़क निर्माण कराने की घोषणा की गई। लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नई पेयजल परियोजना शुरू करने की बात कही गई। लक्ष्मी निवास चौक से विंध्यवासिनी मंदिर तक गौरव पथ निर्माण की घोषणा भी की गई। जिलाध्यक्ष की मांग पर धमतरी से सांकरा, घटुला, बेलरगांव तक लगभग 30 किलोमीटर सड़क निर्माण का प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग से चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर की मांग पर कुरूद कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के लिए डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से नया भवन बनाने की घोषणा हुई। पीएम श्री आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय के लिए बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की घोषणा भी की गई। जनता तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और सेवाओं को सीधे जनता तक पहुंचाना है। प्रदेश सरकार का कार्यकाल अभी दो साल का हुआ है, आने वाले समय में विकास कार्यों की रफ्तार और तेज होगी। समाधान शिविर में बड़ी संख्या में लोगों की समस्याओं का निराकरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों का गृह प्रवेश भी कराया गया। सरकार की कोशिश है कि योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ लोगों तक पहुंचे।
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