मुक्तिधाम का रास्ता कीचड़ में बदला,सड़क पर रखे शव:बेमेतरा के बेलतरा में पैदल चलना मुश्किल, तहसीलदार-पुलिस की समझाइश के बाद शवों का अंतिम संस्कार

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बेमेतरा के ग्राम पंचायत बेलतरा में मुक्तिधाम पहुंच मार्ग की बदहाली को लेकर शुक्रवार (21 अगस्त) को ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। गांव में दो लोगों की मौत के बाद शवों को मुक्तिधाम ले जाने में परेशानी हुई तो परिजनों और ग्रामीणों ने दोनों शवों को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि बारिश के कारण करीब डेढ़ किलोमीटर का रास्ता कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक मुक्तिधाम तक पहुंचने वाला रास्ता इतना खराब है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। कीचड़ में ट्रैक्टर तक फंस रहे हैं। ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने में भी काफी परेशानी हो रही है। ट्रैक्टर भी फंस रहे, पैदल चलना मुश्किल ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए कलेक्टर, साजा एसडीएम और जनप्रतिनिधियों को कई बार आवेदन दिया जा चुका है। करीब तीन महीने पहले भी ग्रामीणों ने कलेक्टर से मुलाकात कर समस्या बताई थी। उस समय बरसात से पहले वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन मिला था, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। ग्रामीण गोवर्धन साहू और रोशन मांडवी ने बताया कि दो शवों को मुक्तिधाम तक ले जाने में काफी परेशानी हुई। उनका कहना है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शिकायत के बावजूद रास्ते की समस्या दूर नहीं हुई। 15 दिन में कार्रवाई का आश्वासन आंदोलन की सूचना मिलने पर तहसीलदार और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से काफी देर तक बातचीत की। तहसीलदार ने 15 दिनों के भीतर सड़क निर्माण की दिशा में कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क खाली की और दोनों शवों को अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम ले जाया गया। 900 मीटर CC रोड की मांग ग्रामीणों के अनुसार मुक्तिधाम पहुंच मार्ग का करीब 900 मीटर हिस्सा कच्चा है और बारिश में पूरी तरह खराब हो जाता है। ग्रामीणों ने जिला खनिज न्यास मद से यहां सीसी रोड बनाने की मांग भी की है। उनका कहना है कि खराब रास्ते के कारण खेती-किसानी और रोजमर्रा के आवागमन में भी परेशानी होती है। बेलतरा सरपंच मुकेश टंडन ने बताया कि प्रशासन की ओर से 15 दिनों में सड़क निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया गया है। कलेक्टर ने कहा बेमेतरा कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने बताया कि मुक्तिधाम तक करीब एक से दो किलोमीटर सड़क की मांग सामने आई है। संबंधित इंजीनियर ने इसका आकलन तैयार कर प्रशासन को भेज दिया है। अस्थायी व्यवस्था के लिए ग्राम पंचायत को भी सूचना दी गई है। बजट उपलब्धता के अनुसार सड़क निर्माण के लिए प्रयास किया जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि 15 दिनों में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा बड़ा आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि यह केवल आवागमन की समस्या नहीं, बल्कि अंतिम संस्कार जैसी जरूरी स्थिति में भी गंभीर परेशानी का कारण बन रही है।
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