नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट असलम खान की अदालत ने थाना कोनी क्षेत्र के बिरकोना रोड पर हुई 1,63,960 रुपये की सनसनीखेज लूट और मारपीट के मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के दो प्रमुख आरोपियों नीतिश पटेल और रिरखीराम निर्मलकर को संदेह का लाभ देते हुए धारा 394/34 आईपीसी के आरोपों से बाइज्जत दोषमुक्त कर दिया है। साल 2020 के इस मामले में कोनी पुलिस द्वारा तैयार की गई कमजोर चार्जशीट और लचर विवेचना के कारण अभियोजन पक्ष कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ अपराध साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा।
अभियोजन के अनुसार, 17 फरवरी 2020 की रात करीब 10:30 बजे देशी मदिरा दुकान कोनी का सुपरवाइजर विनय सिंह दिनभर की बिक्री की रकम 1,63,960 रुपये बैग में रखकर मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था। तभी कोनी इंजीनियरिंग कॉलेज के पास बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसकी आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर और लाठी-डंडे से पीटकर रुपयों से भरा बैग लूट लिया था।
इन 4 बड़ी वजहों से कोर्ट में फेल हुआ पुलिस का केस
मास्क में थे चेहरे: पीड़ित विनय सिंह ने कोर्ट में कहा कि वहां अंधेरा था और लुटेरों ने मास्क पहन रखा था, इसलिए वह चेहरा नहीं देख पाया। उसने आरोपियों को पहचानने से इनकार कर दिया।
बनावटी शिनाख्ती परेड: परेड कराने वाली नायब तहसीलदार श्रीमती प्रकृति ध्रुव ने माना कि नियमों का पालन नहीं हुआ और परेड में शामिल अन्य लोग पीड़ित के ही गांव व परिचित थे।
कागजी खानापूर्ति: स्वतंत्र गवाहों (पंचू गोंड, विकास कुमार) ने पोल खोली कि वे मौके पर थे ही नहीं, पुलिस ने थाने बुलाकर खाली कागजों पर दस्तखत कराए थे।
सामान्य खरोंच: डॉ. दिनेश नायक के अनुसार विनय के शरीर पर केवल सामान्य खरोंच थी, जो बाइक से सामान्य गिरने पर भी आ सकती है।
फरार आरोपी के चक्कर में फंसी रहेगी जब्त रकम
इसका कारण यह है कि तीसरा सह-आरोपी शिवा पटेल आज भी फरार है, जिसे 28 जनवरी 2026 को भगोड़ा घोषित कर स्थाई वारंट जारी किया गया है। माल का फैसला उसकी गिरफ्तारी के बाद ही होगा।अदालत ने आरोपियों को दोषमुक्त करते हुए धारा 481 बीएनएस के तहत 20,000 का बंधपत्र जमा रखने का आदेश दिया है, जो आगामी 6 महीनों तक प्रभावी रहेगा।
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