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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर सख्ती दिखाते हुए बिलासपुर के महेश स्वीट्स के संचालक की अपील को खारिज कर दी है। कोर्ट ने संचालक महेश चौकसे पर लगे 1 लाख रुपए के जुर्माने को बरकरार रखा है। साथ ही कहा है कि शुद्धता का ध्यान रखना होटल संचालक की जिम्मेदारी है। यहां होटल में मिठाइयों में अरारोट के नाम पर मक्का स्टार्च का इस्तेमाल किया गया था। जांच में इसकी पुष्टि होने पर प्रशासन ने एक लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई थी। शहर के तारबाहर चौक स्थित महेश स्वीट्स में 15 अक्टूबर 2011 को खाद्य विभाग के अधिकारियों ने जांच की थी। निर्माण इकाई से ”अरारोट” का सैंपल लिया गया, जिसे जांच के लिए रायपुर के लैब भेजा गया। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि जिसे अरारोट बताकर स्टोर किया गया था, वह वास्तव में मक्का स्टार्च था। इसे मिस ब्रांडिंग मानते हुए प्रशासन ने संचालक पर 1 लाख रुपए की पेनल्टी लगाई थी। पहले भी मिल चुकी है सजा, जिला न्यायालय ने खारिज किया केस
महेश चौकसे पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 52 के तहत एक लाख का जुर्माना लगाया था। इसके खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील की गई, जिसे 2019 में खारिज कर दिया गया। बता दें कि होटल संचालक पर जिला प्रशासन ने इससे पहले भी कार्रवाई की थी। हाईकोर्ट बोला- संचालक की है जवाबदारी
जिला न्यायालय से केस खारिज होने के बाद होटल संचालक महेश चौकसे ने हाईकोर्ट में अपील की। इस मामले में हाईकोर्ट में तर्क दिया गया कि वे निर्माता नहीं बल्कि केवल उपयोग करने वाले हैं, इसलिए उन पर जुर्माना नहीं होना चाहिए। साथ ही सैंपल की जांच रायपुर के बजाय गाजियाबाद के लैब में कराने की मांग की गई। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्त गुरु की डिवीजन बेंच ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 26(2) के तहत खाद्य सामग्री रखने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह मानकों का पालन सुनिश्चित करे। रायपुर स्थित लैब और वहां के अधिकारी विधिवत नियुक्त किए गए हैं, लिहाजा उनकी रिपोर्ट पूरी तरह वैध है। मिस ब्रांडिंग भी कानूनन अपराध है। मिस ब्रांडिंग, प्रशासन की कार्रवाई पर लगाया मुहर
हाईकोर्ट ने कहा कि नाम बदलकर यानी अरारोट की जगह मक्का स्टार्च इस्तेमाल करना कानूनन मिस ब्रांडिंग है। हाईकोर्ट ने सत्र न्यायालय के फैसले को सही ठहराते हुए संचालक की अपील खारिज कर दी है। फैसले से अब दुकान संचालक को 1 लाख रुपए का जुर्माना भरना होगा।
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