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महिला आरक्षण बिल 2026 को लेकर सरगुजा में भाजपा एवं कांग्रेस आमने-सामने हैं। भाजपा ने कांग्रेस पर महिलाओं का अधिकार छीनने का आरोप लगाते हुए इसके खिलाफ हस्ताक्षर अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस कभी नहीं चाहती कि महिलाओं को उनका अधिकार मिले। वहीं कांग्रेस ने कहा कि भाजपा इस बहाने दुष्प्रचार अभियान चला रही है। वर्ष 2023 में ही महिला आरक्षण बिल पारित हो चुका है। भाजपा इसके बहाने राजनैतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। महिला बिल सांसद में गिरने के बाद भाजपा महिला मोर्चा ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की और महिला बिल गिरने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहाराया। जिला पंचायत सदस्य दिव्या सिंह सिसोदिया, महापौर मंजूषा भगत, जिला महामंत्री अरुणा सिंह ने संयुक्त प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए इसे देश की महिलाओं के साथ “विश्वासघात” बताया और कहा कि इसका राजनीतिक परिणाम विपक्ष को भुगतना पड़ेगा। महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि भाजपा हर बाधा को दूर कर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। दिव्या सिंह सिसोदिया ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33ः प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम था। विपक्ष के विरोध के कारण यह साकार नहीं हो सका। यह देश की 70 करोड़ महिलाओं का अपमान है, जिसे देश की मातृशक्ति कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में पंचायतों में 50 प्रतिशत महिला आरक्षण की व्यवस्था दी थी। जिला महामंत्री अरुणा सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण को लेकर देशभर में सकारात्मक माहौल था, लेकिन कांग्रेस के “नकारात्मक रवैये” के कारण विधेयक पारित नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल गिरने पर विपक्ष ने संसद में जश्न मनाया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस ने कहा-भाजपा कर रही है दुष्प्रचार
शुक्रवार को ही सरगुजा कांग्रेस कार्यालय में प्रेसवार्ता में बैकुंठपुर की पूर्व विधायक अंबिका सिंहदेव ने कहा कि भाजपा आरोप लगा रही है कि कांग्र्रेस महिला विरोध पार्टी है। शायद वे भूल गए हैं कि अब तक पंचायत, नगरीय निकायों में महिला आरक्षण कांग्रेस ने ही दिया। कांग्रेस महिला बिल का विरोध कर रही होती को सितंबर 2023 में महिला बिल पास नहीं हो पाता। अंबिका सिंहदेव ने कहा कि महिला बिल 2023 में पास हो चुका है। उसपर हमारे राष्ट्रपति के हस्ताक्षर हो चुके हैं। जिस बिल का कांग्रेस विरोध कर रही है, वह महिला बिल की आड़ में भाजपा जो परिसीमन का बिल पास कराने की कोशिश कर रही थी, उसका विरोध कर रहे हैं। अंबिका सिंहदेव ने कहा कि भाजपा इस बिल के गिरने पर देशभर में दुष्प्रचार कर लोगों को यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि कांग्रेस महिला विरोधी है, जबकि सबसे पहले नौकरी एवं जनप्रतिनिधित्व में आरक्षण की व्यवस्था कांग्रेस ने दी है। कांग्रेस यह कह रही है कि 2023 के बिल को लागू किया जाए, लेकिन वे परिसीमन से पहले इसे लागू करने के लिए तैयार नहीं हैं। भाजपा का यह दुष्प्रचार लोगों को बरगलाने के लिए किया जा रहा है। उनका यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सकेगा। पत्रकार वार्ता के दौरान महिला कांग्र्रेस की अध्यक्ष सीमा सोनी सहित अन्य महिला पदाधिकारी मंचासीन थीं।
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