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महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस अब प्रदेशभर में बड़ा अभियान चलाने की तैयारी में है। 20 अप्रैल को सभी जिला मुख्यालयों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसके बाद आंदोलन और जन जागरण की रणनीति तय की जाएगी। प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को अपना नाम बदलकर “भारतीय झूठा पार्टी” रख लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण बिल 2023 में ही पारित हो चुका है, लेकिन भाजपा इसे लागू करने के बजाय परिसीमन के बहाने टाल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं के कंधे पर बंदूक रखकर परिसीमन बिल को आगे बढ़ाना चाहती है, जो पूरी तरह गलत है।
लोकसभा में पास नहीं हो सका बिल महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) बिल लोकसभा में पारित नहीं हो सका। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने विरोध किया। इसे पास करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी। इस प्रस्ताव में लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रावधान रखा गया था। पीएम मोदी ने मांगी माफी, विपक्ष पर साधा निशाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए बिल पास नहीं हो पाने पर माताओं-बहनों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि संशोधन नहीं हो सका, जिसके लिए वे क्षमा चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ पार्टियों के लिए दल हित, देशहित से बड़ा हो गया है, जिसका नुकसान नारी शक्ति को उठाना पड़ा। उन्होंने कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी राजनीति के कारण महिलाओं के अधिकारों को झटका लगा है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला आरक्षण प्रस्ताव गिरने के बाद विपक्ष ने खुशी जताई, जबकि देश की करोड़ों महिलाओं की उम्मीदें संसद से जुड़ी थीं। नारी शक्ति इस अपमान को नहीं भूलेगी और इस पूरे घटनाक्रम को याद रखेगी। अभियान के जरिए बनाएंगे माहौल कांग्रेस का कहना है कि वह इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में माहौल बनाएगी और महिलाओं के अधिकारों को लेकर जन जागरण अभियान चलाएगी। पार्टी नेताओं के मुताबिक, यह मुद्दा आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक विषय बन सकता है।
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