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छत्तीसगढ़ धर्मांतरण विधेयक- 2026 के विरोध में मनेंद्रगढ़ में संयुक्त मसीही सेवा समिति ने ‘संविधान बचाव रैली’ का आयोजन किया। इस रैली में मसीही समाज के बड़ी संख्या में लोग, खासकर महिलाएं शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर विधेयक के खिलाफ नारेबाजी की। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने धर्मांतरण विधेयक को ‘काला कानून’ करार दिया। उन्होंने इसे मौलिक अधिकारों का हनन बताया और कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन करने और उसका प्रचार-प्रसार करने की स्वतंत्रता देता है। यह विधेयक इस संवैधानिक अधिकार को सीमित करने का प्रयास करता है। विधेयक वापस लेने की मांग संयुक्त मसीही सेवा समिति के पदाधिकारियों ने तर्क दिया कि यह विधेयक अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों के विरुद्ध है और इससे सामाजिक सौहार्द पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से इस विधेयक को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन रैली के समापन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें विधेयक के प्रति अपनी आपत्तियां दर्ज कराई गईं। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है, तो मसीही समाज कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए विवश होगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक यह विधेयक वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
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