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मरवाही वनमंडल के गौरेला वनपरिक्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध कटाई का मामला सामने आया है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता रायपुर और जांच दल बिलासपुर की संयुक्त टीम ने अचानक निरीक्षण के दौरान 122 पेड़ों के ठूंठ पाए हैं। इस मामले में वनरक्षक दीपक सिदार को निलंबित कर दिया गया है। जांच टीम ने पीपरखुंटी परिसर के विभिन्न कक्षों 2305 PF, 2325 PF, 2301 PF, 2300 PF और 2299 PF का निरीक्षण किया। यहां अलग-अलग प्रजातियों के 122 अवैध रूप से काटे गए पेड़ों के ठूंठ मिले, जिन पर हैमर के निशान भी लगाए गए थे। हालांकि मौके से कोई लकड़ी बरामद नहीं हुई। शासन को 2.60 लाख की हानि शुरूआती जांच में इस अवैध कटाई से शासन को करीब 2 लाख 60 हजार 82 रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। लापरवाही पर निलंबन जांच रिपोर्ट में पाया गया कि बीट की सुरक्षा के लिए नियमित गश्त नहीं की जा रही थी। वनरक्षक ने शासकीय जिम्मेदारियों में रुचि नहीं दिखाई जिसे घोर लापरवाही मान कर वनमंडलाधिकारी मरवाही ने दीपक सिदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय वनपरिक्षेत्र खोडरी तय किया गया है। निलंबन कोई पर्याप्त सजा नहीं है:अध्यक्ष नगर पालिका अध्यक्ष नगर पालिका गौरेला मुकेश दुबे ने कहा कि निलंबन कोई पर्याप्त सजा नहीं है, क्योंकि बहाली के बाद संबंधित कर्मचारी को पिछला वेतन मिल जाता है। वास्तविक सुधार तब होगा जब दोषियों से पर्यावरण को हुई क्षति और लकड़ी की कीमत की वसूली की जाए। वर्तमान में जिस तरह से जंगलों को जिस तरह से कटा जा रहा है, उसे रोकने के लिए केवल निलंबन नहीं बल्कि बर्खास्तगी और सख्त कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है। नया चेक पोस्ट बनाने की मांग स्थानीय लोगों ने बंद बैरियर फिर से शुरू करने और निगरानी बढ़ाने के लिए खोडरी-केवची तिराहे पर नया चेक पोस्ट बनाने की मांग की है।
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