![]()
मरवाही वनमंडल के जंगलों में सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई और उसके बाद वन विभाग द्वारा की गई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई ने अब एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशस्तर पर मोर्चा खोल दिया है। बिंद्रानवागढ़ विधायक और छत्तीसगढ़ आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जनक राम ध्रुव ने हाल ही में गौरेला के पंडरीपानी गांव का दौरा किया। उन्होंने बेघर हुए पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी व्यथा सुनी। वन विभाग सागौन की अवैध कटाई रोकने में विफल पीड़ितों का हाल जानने के बाद जनकराम ध्रुव ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए। मीडिया से चर्चा करते हुए विधायक ध्रुव ने कहा कि वन विभाग अवैध सागौन की कटाई को समय रहते रोकने में पूरी तरह विफल रहा है और इस प्रकरण में अब तक दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मकानों को भी मलबे में तब्दील कर दिया:आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए गरीब आदिवासियों और दलितों के आशियानों को निशाना बना रहा है। जनकराम ध्रुव ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि विभाग ने उन मकानों को भी मलबे में तब्दील कर दिया है जो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए थे। भाजपा आदिवासियों को जल-जंगल-जमीन से बेदखल कर रही उन्होंने तंज कसा कि जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है, आदिवासियों को उनके जल-जंगल-जमीन से बेदखल करने की एक बड़ी साजिश रची जा रही है। सागौन कटाई को महज एक बहाना बनाकर गरीबों के सिर से छत छीनी जा रही है। विधायक ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक जनकराम ध्रुव अपने कार्यकर्ताओं के साथ जिला कलेक्टर संतोष देवांगन से मिलने पहुंचे और उन्हें एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने मांग की कि जो लोग इस कार्रवाई के कारण बेघर हुए हैं, उन्हें तत्काल उचित मुआवजा और पुनर्वास की सुविधा प्रदान की जाए। पीड़ितों को न्याय नहीं तो उग्र जन-आंदोलन उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही पीड़ितों को न्याय नहीं दिया और उनकी जायज मांगों को अनसुना किया, तो कांग्रेस शांत नहीं बैठेगी। आने वाले समय में आदिवासियों के हक के लिए पूरे प्रदेश में एक उग्र जन-आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह शासन-प्रशासन की होगी।
<
