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छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर से लगे मंदिर हसौद में 22 मई से लापता भुवनेश्वर यादव की हत्या के मामले में महासमुंद पुलिस ने निर्दलीय पार्षद नोहर दास उर्फ गोलू रात्रे और उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि पानी के विवाद और गाली-गलौज के बाद युवक की हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को महानदी किनारे रेत में दफना दिया गया। मामले में तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। यह मामला महासमुंद थाना क्षेत्र का है। अब जानिए पूरा मामला पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नकटी का रहने वाला भुनेश्वर 22 मई 2026 की शाम से लापता था। मंदिर हसौद थाने में भुनेश्वर यादव की गुमशुदगी दर्ज थी। वह मोनेट कंपनी में ऑपरेटर के पद पर काम करता था। घटना वाले दिन मंदिर हसौद की शराब भट्ठी के पास भुनेश्वर कुछ लोगों के साथ शराब पी रहा था। इसी दौरान पानी को लेकर उसका झगड़ा हो गया। इसी बहस में भुवनेश्वर और निर्दलीय पार्षद नोहर रात्रे के बीच गाली-गलौज भी हो गई। इसके बाद पार्षद अपने दोस्तों अमित सिंह राजपूत और हेमचंद बंजारे के साथ मिलकर भुवनेश्वर को कार में बैठाकर महासमुंद के महानदी किनारे ले गया। वहां तीनों ने भुनेश्वर के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की। मारपीट में गंभीर चोट लगने से भुनेश्वर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की साजिश रची। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने नांदगांव निवासी अपने एक रिश्तेदार की मदद से शव को ठिकाने लगाया। उन्होंने महानदी किनारे एक टापूनुमा स्थान पर गड्ढा खोदकर भुनेश्वर के शव को दफना दिया था। मामले की जानकारी मिलते ही मंदिर हसौद पुलिस की टीम महासमुंद पहुंची। वहां स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर बताए गए जगह पर खुदाई करवाई गई, जहां से युवक का शव बरामद कर लिया गया। चूंकि घटनास्थल महासमुंद थाना क्षेत्र में पाया गया, पुलिस ने मर्ग कायम कर बीएनएस की धारा 103, 238 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
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