भास्कर न्यूज | भिलाई बाजार एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान का केंद्र होने के बावजूद गेवरा रोड रेलवे स्टेशन उपेक्षा का शिकार है। कोविड काल से पूर्व यहां से 5 यात्री ट्रेनों का परिचालन होता था, जो वर्तमान में घटकर महज 2 रह गई हैं। ट्रेनों के फेरे बढ़ाने को लेकर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और विधायक प्रेमचंद पटेल ने विभाग को पत्र लिखा था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। भिलाईबाजार के प्रदीप जायसवाल ने सोमवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को ट्रेन चलाने की मांग को लेकर पत्र लिखा है। उनका कहना है कि कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को कोरबा स्टेशन पर ही समाप्त कर दिया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि सुबह 8 बजे कोरबा से छूटने वाली कोरबा-रायपुर पैसेंजर को गेवरा रोड से प्रारंभ किया जाए। साथ ही, जो गाड़ियां रात में कोरबा पहुंचती हैं, उनका विस्तार गेवरा रोड तक किया जाए ताकि खदान क्षेत्र के श्रमिकों और आम जनता को सुविधा मिल सके। कैबिनेट मंत्री और क्षेत्रीय विधायक के पत्र के बावजूद विभाग मौन है। औद्योगिक क्षेत्र होने के बाद भी यात्रियों को निजी वाहनों या बसों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि जब यह क्षेत्र रेलवे को सर्वाधिक राजस्व देने वाले कोयला खदानों का हिस्सा है, तो यात्री सुविधाओं में कटौती क्यों की जा रही है।
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