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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार और भाजपा पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। पूर्व सीएम ने महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इनसे ज्यादा मूर्ख कोई नहीं हो सकता। भूपेश बघेल ने सक्ती प्लांट हादसे को लेकर राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अनिल अग्रवाल के पक्ष में नवीन जिंदल खड़े हो गए हैं। पूर्व सीएम ने अनिल अग्रवाल और नवीन जिंदल को चोर-चोर मौसेरे भाई बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार भी उनके साथ खड़ी नजर आ रही है। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गोठानों में शराब बेची जा रही है, गांजा की तस्करी हो रही है और अफीम की खेती के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन इन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। खेल कार्यक्रम में पहुंचे थे पूर्व सीएम दरअसल पूर्व सीएम भूपेश बघेल रविवार को भिलाई के सेक्टर-6 में आयोजित खेल कार्यक्रम में पहुंचे थे। जहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने केंद्र-राज्य और भाजपा पर निशाना साधा। भूपेश बघेल ने कहा कि 2023 में महिला आरक्षण बिल लोकसभा में सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, जब बिल पहले ही पास हो गया था, तो ढाई साल तक उसे लागू क्यों नहीं किया गया। हाल ही में नोटिफिकेशन जारी करने का क्या मतलब है, जब तक इसे जमीन पर लागू नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत साफ नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार जनगणना और परिसीमन का बहाना बना रही है। अगर सरकार चाहे तो पहले जनगणना और जाति जनगणना करा सकती है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना जनगणना के परिसीमन करने से SC, ST और OBC वर्गों को नुकसान होगा और छोटे राज्यों पर भी असर पड़ेगा। वसुंधरा राजे के पत्र का किया जिक्र भूपेश बघेल ने वसुंधरा राजे की ओर से मोहन भागवत को लिखी चिट्ठी का जिक्र करते हुए कहा कि उसे पढ़ना चाहिए, जिससे स्पष्ट होता है कि इस मुद्दे पर क्या राय है। उन्होंने कहा कि सरकार एसआईआर (SIR) करा सकती है, लेकिन जनगणना क्यों नहीं करा रही है। जाति जनगणना क्यों नहीं कराई जा रही है। महिलाएं शुरू से समझदार, जानती हैं किसकी नियत क्या है भूपेश बघेल ने आगे कहा कि बीजेपी ने इस बिल को अपने स्वार्थ के लिए लाया है, लेकिन देश की महिलाएं मूर्ख नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारत की महिलाएं शुरू से समझदार रही हैं और जानती हैं कि किसकी नियत क्या है। उन्होंने कहा कि 2023 में बिल पास होने के बाद भी इसे लागू क्यों नहीं किया गया, जब एक बिल पहले से पारित है, तो दूसरे को लाने की क्या आवश्यकता है? वहीं उन्होंने यह भी कहा कि आचार संहिता लागू होने के बावजूद प्रधानमंत्री राष्ट्र के नाम संदेश दे रहे हैं और उसमें राजनीतिक दलों पर टिप्पणी कर रहे हैं। चुनाव के बाद तेजी से बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम पूर्व सीएम ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें चुनाव के चलते फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही इनके दाम तेजी से बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। उनके अनुसार यह स्थिति 29 अप्रैल तक बनी रह सकती है, क्योंकि चुनाव जारी हैं, लेकिन चुनाव के बाद तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी होने की आशंका है। कानून व्यवस्था पर भी उठाए सवाल भूपेश बघेल ने कहा कि आज गोठानों में शराब बेची जा रही है, गांजा की तस्करी हो रही है और अफीम की खेती के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन इन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। जिन मामलों में एफआईआर दर्ज हो चुकी है, उनमें ED को जांच करनी चाहिए, लेकिन एजेंसी अब तक सक्रिय नहीं दिख रही। उन्होंने दावा किया कि दुर्ग, बलरामपुर और रायगढ़ में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, लेकिन उन पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। पूर्व मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि इन मामलों में जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस मुद्दे पर ज्ञापन सौंपेंगे।
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