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छत्तीसगढ़ के बेमेतरा स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू आर्ट एंड साइंस पीजी कॉलेज के स्टूडेंट्स ने सोमवार को एटीकेटी, रिजल्ट और स्कॉलरशिप से जुड़ी समस्याओं को लेकर कॉलेज गेट पर ताला जड़कर विरोध प्रदर्शन किया। अपनी मांगों को लेकर उन्होंने नेशनल हाईवे पर चक्काजाम भी किया। प्रदर्शन के कारण करीब डेढ़ घंटे तक यातायात बाधित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्टूडेंट्स को समझाइश दी। इसके बाद स्टूडेंट्स ने प्रदर्शन खत्म किया। इस प्रदर्शन को ABVP का भी समर्थन मिला। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि स्टूडेंट्स की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वह छात्र-छात्राओं के साथ मिलकर आंदोलन को और उग्र करेगी। पहले देखिए ये तस्वीरें- कॉलेज गेट बंद कर हाईवे पर बैठे स्टूडेंट्स प्रदर्शनकारी ने कॉलेज का मुख्य गेट बंद कर दिया और हाईवे पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों के समर्थन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के चलते ट्रक, बसें और अन्य भारी वाहन लंबे समय तक फंसे रहे। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर एटीकेटी, असाइनमेंट, सेमेस्टर परीक्षाओं, छात्रवृत्ति फॉर्म और परीक्षा परिणामों से जुड़ी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। उनका कहना है कि अलग-अलग शैक्षणिक प्रक्रियाओं के नाम पर विद्यार्थियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। ABVP ने सौंपा ज्ञापन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलपति और कॉलेज प्राचार्य के नाम ज्ञापन सौंपकर परीक्षा परिणामों में हुई गंभीर त्रुटियों, गलत यूएफएम कार्रवाई, अनावश्यक एटीकेटी और लंबित मामलों के निराकरण की मांग की है। किसानों और मजदूर परिवारों के स्टूडेंट्स पर असर ABVP का कहना है कि ज्यादातर स्टूडेंट्स किसान, मजदूर और सामान्य परिवारों से आते हैं। परिणामों में गड़बड़ियों के कारण उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है। स्टूडेंट्स को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार विश्वविद्यालय और कई कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। निशुल्क जांच और समयबद्ध समाधान की मांग ज्ञापन में छात्रों ने एटीकेटी से जुड़े सभी मामलों की फ्री में दोबारा जांच, लंबित रिजल्ट जल्द जारी करने, तकनीकी गड़बड़ियों को सुधारने और यूएफएम मामलों की निष्पक्ष समीक्षा करने की मांग की है।इसके अलावा स्टूडेंट्स से किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लेने तथा समस्याओं के समाधान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना जारी करने की मांग भी उठाई गई है।
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