परिवार ने हिम्मत दिखाते हुए तय समय पर निकाह संपन्न कराया और रात में उनका अंतिम संस्कार किया। …और पढ़ें

HighLights
- सुबह शादी की खुशी, दोपहर में घर में पसरा गहरा मातम
- तय समय पर सादगी से संपन्न कराया गया बेटी का निकाह
- रात में बैरन बाजार कब्रिस्तान में किया गया अंतिम संस्कार
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। शहर के शंकर नगर क्षेत्र में रविवार को एक परिवार की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। सेवानिवृत्त परिवहन अधिकारी अब्दुल गनी खान के घर उनकी इकलौती बेटी के निकाह की तैयारियां चल रही थीं। सुबह से ही घर में मेहमानों का आना-जाना और रस्मों की तैयारियां जारी थीं, लेकिन दोपहर से पहले ही एक दुखद घटना ने पूरे माहौल को बदल दिया।
दिल का दौरा पड़ने से हुई मौत
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 11 बजे जब 74 वर्षीय अब्दुल गनी खान अपने निवास से बाहर निकल रहे थे, तभी उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा। परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद घर में खुशी का माहौल पलभर में शोक में बदल गया।
सादगी से संपन्न हुआ निकाह
परिवार और रिश्तेदारों ने हिम्मत का परिचय देते हुए हालात को संभाला। तय कार्यक्रम के अनुसार शाम को सादगी के साथ बेटी का निकाह संपन्न कराया गया। हालांकि, हर रस्म के दौरान माहौल गमगीन रहा। शादी के जोड़े में सजी बेटी के चेहरे पर पिता के निधन का दर्द साफ झलक रहा था।
निकाह के बाद हुआ अंतिम संस्कार
निकाह की रस्म पूरी होते ही परिवार ने जनाजे की तैयारी शुरू की। रात करीब 9:30 बजे बैरन बाजार कब्रिस्तान में अब्दुल गनी खान का अंतिम संस्कार किया गया। एक ही दिन में निकाह और जनाजे जैसी दो विपरीत रस्मों ने पूरे माहौल को बेहद भावुक बना दिया। सुबह बधाई देने आए लोग ही शाम को अंतिम विदाई देने पहुंचे।
सरल स्वभाव के अधिकारी थे गनी खान
अब्दुल गनी खान मूल रूप से कबीरधाम जिले के निवासी थे और परिवहन विभाग में लंबे समय तक सेवाएं दी थीं। वे दुर्ग, रायपुर और राजनांदगांव सहित कई जिलों में पदस्थ रहे। अपने सरल और मिलनसार स्वभाव के कारण वे लोगों के बीच खास पहचान रखते थे। उनके निधन पर परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने गहरा शोक व्यक्त किया।
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