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बीजापुर जिले के पालनार में वरिष्ठ शिक्षक और प्रधान अध्यापक राजू पुजारी (42) ने कथित तौर पर अधिकारियों के दबाव से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से क्षेत्र में आक्रोश है। उनका अंतिम संस्कार आज गृहग्राम चेरपाल में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी, शिक्षक और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। बताया जा रहा है कि प्राथमिक शाला पालनार में स्कूल भवन का निर्माण काम चल रहा था। इस काम की जिम्मेदारी शाला प्रबंधन समिति (SMC) को दी गई थी। मृतक शिक्षक राजू पुजारी इस काम की गुणवत्ता और बिलिंग से संतुष्ट नहीं थे, इसलिए उन्होंने भुगतान रोक दिया था। भुगतान को लेकर अधिकारियों और ठेकेदार पर दबाव देने का आरोप परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि इसी बात को लेकर एपीसी, इंजीनियर और ठेकेदार द्वारा उन पर लगातार भुगतान जारी करने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्हें बार-बार कार्यालय बुलाकर धमकाया जाता था और अधूरे कार्य का भी पूरा भुगतान करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। मानसिक तनाव और दबाव के चलते राजू पुजारी ने यह कदम उठाया। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने जिला अस्पताल बीजापुर के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सुसाइड नोट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई मामले में कोतवाली थाना प्रभारी दुर्गेश शर्मा ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। सुसाइड नोट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी एल.एल. धनेलिया ने कहा कि यह कार्य सर्व शिक्षा अभियान के तहत डीएमसी कार्यालय के माध्यम से संचालित हो रहा था, जिसकी एजेंसी एसएमसी है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की जा रही है और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। विधायक विक्रम मंडावी ने पालनार के प्रधानाध्यापक राजू पुजारी की आत्महत्या के लिए ठेकेदार, इंजीनियर और अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो वे परिजनों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
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