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बीजापुर में प्राथमिक शाला पालनार के प्रधान अध्यापक राजू पुजारी की आत्महत्या का मामला गरमा गया है। विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि ठेकेदारों, इंजीनियरों और संबंधित कर्मचारियों के दबाव तथा मानसिक प्रताड़ना के कारण राजू पुजारी ने आत्महत्या की। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार छिपाने के लिए की गई हत्या जैसा गंभीर मामला बताया। विधायक मंडावी के अनुसार, प्राथमिक शाला पालनार के निर्माण कार्य की लागत लगभग 20 लाख 30 हजार रुपये थी। राजू पुजारी ने बार-बार अधिकारियों से निर्माण की खराब गुणवत्ता की शिकायत की थी, लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई। इसके बजाय, उन पर ठेकेदार को निर्माण राशि का भुगतान कराने के लिए लगातार दबाव डाला गया, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान थे। मुख्य ठेकेदार भाजपा नेता है मंडावी ने बताया कि राजू पुजारी के सुसाइड नोट में ठेकेदार देवाशीष मंडल, इंजीनियर शैलेश वासम और कर्मचारी छवितेश डोंगरे के नाम दर्ज हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य ठेकेदार के रूप में जागर लक्ष्मैया का नाम सामने आया है, जो भाजपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के बीजापुर जिला अध्यक्ष हैं। विधायक ने आशंका जताई कि इस राजनीतिक संबंध के कारण उन्हें बचाने का प्रयास किया जा सकता है। विधायक ने निर्माण को ले कर पूछे सवाल विधायक ने सरकार से कई सवाल पूछे। उन्होंने जानना चाहा कि निर्माण कार्य का मुख्य और पेटी ठेकेदार कौन था, कार्य एजेंसी क्या थी, और जब प्रशासकीय स्वीकृति शाला प्रबंधन समिति के नाम थी, तो ठेका किसके निर्देश पर दिया गया। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और जिला मिशन समन्वयक (DMC) की भूमिका की भी जांच की मांग की। मामले की न्यायिक जांच की मांग:विधायक विक्रम मंडावी ने पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि सभी दोषियों की पहचान कर उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे परिवार और ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन करेंगे। दोषी पर होगी कार्रवाई इस बीच, भाजपा जिलाध्यक्ष घासीराम नाग ने भाजपा नेता जागर लक्ष्मैया पर लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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