बीजापुर के 5 गांवों का बारिश में काटता है संपर्क:राशन,शिक्षा,स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जूझ रहे ग्रामीण,दो महीने से अंधेरे में गुजर रही जिंदगी

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बीजापुर जिले के अंदरूनी और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास के दावों की हकीकत कुछ और ही है। छिन्नकवाली पंचायत के गुड्डीपाल, कंदुलनाट, आदेड, रालापाल और चिन्नाकवाली गांवों के ग्रामीण आज भी सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बारिश के मौसम में इन गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में स्कूल भवन तो हैं, लेकिन शिक्षक नियमित रूप से नहीं पहुंचते। इससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है और शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। बारिश में राशन पहुंचाना भी चुनौती लगातार बारिश के दौरान नदी-नालों में बाढ़ और खराब सड़कों के कारण गांवों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का राशन भी समय पर नहीं पहुंचता। कई बार राशन लेने के लिए उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। दो महीने से बिजली गुल ग्रामीणों के अनुसार, कई गांवों में पिछले करीब दो महीने से बिजली नहीं है। बिजली बंद होने से लोगों को अंधेरे में जीवन बिताना पड़ रहा है। मोबाइल चार्ज करने और अन्य जरूरी कार्यों में भी परेशानी हो रही है। नेटवर्क और इंटरनेट की सुविधा भी नहीं इन गांवों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट की स्थिति भी बेहद खराब है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली और नेटवर्क दोनों नहीं होने से सरकारी योजनाओं, ऑनलाइन सेवाओं और आपातकालीन जानकारी तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी नियमित रूप से गांवों तक नहीं पहुंच पातीं। मरीजों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। बारिश के दौरान खराब रास्तों और उफनते नदी-नालों के कारण अस्पताल पहुंचना और भी कठिन हो जाता है।
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