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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सूने मकानों में सिलसिलेवार चोरी कर पुलिस को लगातार चकमा देने वाले शातिर चोर को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। सट्टेबाजी में 30 लाख रुपए हारने के बाद उसने जल्दी पैसे कमाने के लिए चोरी का रास्ता अपनाया। आरोपी एसी रिपेयरिंग के बहाने सूने मकानों की रेकी करता था। चोरी से मिले पैसों से उसने आलीशान मकान बनवाया और महंगे सामान भी खरीदे। वह पिछले 7 महीनों से पुलिस को चकमा दे रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सोने-चांदी के गहनों और नकदी समेत करीब 45 लाख रुपए का माल बरामद किया है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। SSP रजनेश सिंह ने 23 चोरी की वारदातों का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एसीसीयू की नई टीम के गठन के बाद से गंभीर अपराधों में आरोपियों की लगातार धरपकड़ की जा रही है। इनमें से 12 वारदातें सिविल लाइन थाना क्षेत्र की हैं। जांच के बाद टीम ने गौरेला निवासी मास्टरमाइंड सूरज काछी को गिरफ्तार किया है। 7 महीने से पुलिस को दे रहा था चकमा सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि पेंड्रा निवासी सूरज काछी आदतन जुआरी है। ऑनलाइन गेमिंग में वह 30 लाख रुपए हार चुका था। पिछले करीब 7 महीनों से वह पुलिस को चकमा दे रहा था। हर वारदात के बाद कपड़े बदलना, अलग-अलग जगहों पर छिपना और लगातार लोकेशन बदलना उसकी रणनीति थी। इस बीच नर्मदा नगर में हुई आखिरी चोरी की वारदात के बाद उसकी पहचान हो सकी। सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग और बाइक ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस टीम गौरेला पहुंची, जहां घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। नर्मदा नगर की चोरी के फुटेज से आरोपी की पहचान नेहरू नगर में 20 अप्रैल को श्रीराम केयर अस्पताल के पास आरोपी ने रिटायर्ड बैंक अधिकारी देवदास बर्मन के सूने मकान में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना में वह सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। पुलिस ने पुराने और नए फुटेज का मिलान कर आरोपी को अलग-अलग कपड़ों में पहचानते हुए ट्रैक किया और आखिरकार उसकी लोकेशन का पता लगाकर गौरेला तक पहुंची। 1 महीने लगातार एंबुश में भी नहीं फंसा आरोपी लगातार चोरियों के बाद सिविल लाइन टीआई एसआर साहू ने एक महीने तक एंबुश भी लगवाया, लेकिन आरोपी इतना शातिर था कि वारदात के बाद वह कपड़े बदल लेता था। गाड़ी को एक से दो किलोमीटर दूर छिपा देता था। इसी कारण पुलिस के काफी नजदीक होने के बावजूद आरोपी तक पहुंचने में कठिनाई हो रही थी। ऑनलाइन गेमिंग में हारा 30 लाख आरोपी एक आदतन जुआरी था, जिसके खिलाफ पेंड्रा में चार से अधिक जुआ के मामले दर्ज हैं। चोरी के बाद वह मिले पैसों को ऑनलाइन गेमिंग साइट “पैरी मैच” में दांव पर लगाता था। आरोपी के मोबाइल की जांच में पुलिस को गेमिंग से जुड़े लगभग 30 लाख रुपए के लेन-देन का हिसाब मिला है, जिसे उसने जुए में गंवा दिया था। सोनार से एक्सचेंज कर बैंक में गिरवी रखा सोना शातिर चोर चोरी के जेवरात कटनी में बेचकर उनसे नए गहने बनवाता था। इन नए गहनों को वह निजी गोल्ड लोन कंपनियों, जैसे मुथूट फाइनेंस में गिरवी रखकर लोन लेता था। लोन से मिले पैसों को वह अपने आईडीबीआई बैंक खाते में ट्रांसफर कर खर्च करता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
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