नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। यूपीएससी की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रशासन ने तैयारी पूरी हो चुकी है। परीक्षा के सफल संचालन के लिए पूरे शहर में 14 केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों में शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न कराने के लिए संस्था प्राचार्यों को मुख्य पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस मुस्तैद है। बिलासपुर संभाग से कुल चार हजार 870 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है, जिसके लिए सभी 14 केंद्रों पर जैमर लगाए गए हैं ताकि मोबाइल या किसी भी इलेक्ट्रानिक डिवाइस का उपयोग न हो सके।
नकल रोकने के लिए परीक्षा कड़े नियम लागू किए गए हैं। परीक्षार्थियों को सुबह पेपर शुरू होने के निर्धारित समय से कम से कम एक घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
एंट्री बंद होने के बाद किसी भी परिस्थिति में केंद्र के भीतर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। केंद्रों के भीतर केवल पारदर्शी पेन, प्रवेश कार्ड और एक मूल पहचान पत्र ले जाने की ही अनुमति होगी।
नकल रोकने की जा रही व्यवस्था
हल्के रंग के कपड़े पहनना अनिवार्य: यूपीएससी परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए कड़ा ड्रेस कोड लागू किया गया है। परीक्षार्थियों को जूते पहनकर आने की अनुमति नहीं होगी, उन्हें अनिवार्य रूप से चप्पल या सैंडल पहनकर ही परीक्षा देनी होगी। इसके अलावा हल्के रंग के कपड़ों को पहनना अनिवार्य हैं, जिनमें बड़े बटन या ज्यादा जेबें न हों।
विशेष वर्ग की व्यवस्था: स्वामी आत्मानंद शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हिंदी माध्यम, गांधी चौक, दयालबंद को विशेष रूप से दृष्टिबाधित और दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित केंद्र बनाया गया है। यहां कुल 29 परीक्षार्थी बेहद सुगम और अनुकूल व्यवस्था के बीच अपनी परीक्षा देंगे।
यहां-यहां होंगे परीक्षा केंद्र
- महारानी लक्ष्मी बाई स्कूल दयालबंद
- देवकीनंदन स्कूल
- सेजेस लाल बहादुर शास्त्री स्कूल
- माता शबरी गर्ल्स कॉलेज
- बालक स्कूल सरकंडा
- नूतन चौक स्कूल
- बिलासा गर्ल्स कॉलेज
- साइंस कालेज सीपत रोड
- सीएमडी कॉलेज
- केआर ला कॉलेज
- बर्जेस मेमोरियल स्कूल
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