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बिलासपुर में अक्षय तृतीया पर्व पर विप्र समाज ने भगवान परशुराम जयंती मनाई। सरकंडा में पहली बार भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें भगवान परशुराम, श्रीराम सहित देवी-देवाताओं की आकर्षक झांकियां निकाली गई। जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। आयोजन में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। अक्षय तृतीया का पर्व इस बार दो दिन मनाया गया। रविवार को भी कई जगह अक्षय तृतीया पर्व पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान सुबह से शिव मंदिर के साथ ही श्रीराम मंदिर और घरों में विशेष पूजा आराधना कर दान किया गया। बड़ी संख्या में विप्र समाज के सदस्य यहां एकत्रित हुए और भगवान परशुराम का पूजन कर समाज की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। गुड्डे-गुड़ियों का विवाह और विप्र दान वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया पर सोमवार को अक्षय तृतीया मनाई गई। इस अवसर पर बच्चे जहां गुड्डे-गुड़ियों के विवाह में जुटे रहे तो श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ ही विप्र दान के रूप में गरीबों को ठंडे पानी से भरा घड़ा और सत्तू दान किया। भगवान परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया पर लोगों ने भगवान विष्णु और उनके अवतार परशुराम की पूजा-अर्चना की। भगवान को सत्तु का भोग लगाया गया। पर्व पर ब्राह्मण भोज व विप्र दान को पुण्यकारी माना गया है। इसलिए पूजा के बाद लोगों ने ब्राह्मण भोज कराया और उन्हें ठंडे पानी से भरा घड़ा, सत्तू व मौसमी फल दान में दिया गया। मान्यतानुसार अक्षय तृतीया के बाद ही सत्तू व आम का उपयोग खाने में किया जाता है। इस अवसर पर वेंकटेश मंदिर, हरदेव लाल मंदिर, गोंड़पारा स्थित सीता-राम मंदिर, तिलक नगर स्थित श्रीराम मंदिर, तेलीपारा स्थित काली व दुर्गा मंदिर, काली मंदिर तिफरा सहित शहर के अन्य देवालयों में पूजा-अर्चना के लिए सुबह-शाम भक्तों की भीड़ रही। शाम को निकली भव्य शोभायात्रा परशुराम जयंती पर परशुराम सेवादार समिति की ओर से सरकंडा से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में भगवान परशुराम की आकर्षक झांकी सजाई गई थी। पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयघोषों के साथ आगे बढ़ रहे थे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा अशोक नगर स्थित श्रीराम भिक्षुक दास महराज आश्रम से शुरू होकर नूतन चौक, सीपत चौक, श्रीराम सेतु चौक होते हुए तिलक नगर स्थित वाजपेयी मैदान पहुंचेगी, जहां महाआरती, धर्म सभा के साथ ही वरिष्ठजनों और प्रतिभा सम्मान का आयोजन होगा।
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