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बिलासपुर में अक्षय तृतीया पर्व पर विप्र समाज ने भगवान परशुराम जयंती मनाई। सरकंडा में पहली बार भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें भगवान परशुराम, श्रीराम सहित देवी-देवाताओं की आकर्षक झांकियां निकाली गई। जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर जमकर आतिशबाजी के साथ परशुराम भगवान की महाआरती और धर्म-सभा का आयोजन किया गया। अक्षय तृतीया का पर्व इस बार दो दिन मनाया गया। रविवार को भी कई जगह अक्षय तृतीया पर्व पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान सुबह से शिव मंदिर के साथ ही श्रीराम मंदिर और घरों में विशेष पूजा आराधना कर दान किया गया। बड़ी संख्या में विप्र समाज के सदस्य यहां एकत्रित हुए और भगवान परशुराम का पूजन कर समाज की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। शाम को निकली भव्य शोभायात्रा परशुराम जयंती पर परशुराम सेवादार समिति की ओर से सरकंडा से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में भगवान परशुराम की आकर्षक झांकी सजाई गई थी। पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु भक्ति गीतों और परशुराम की जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे थे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा अशोक नगर स्थित श्रीराम भिक्षुक दास महराज की प्रतिमा स्थल से शुरू होकर नूतन चौक, सीपत चौक, श्रीराम सेतु चौक होते हुए तिलक नगर स्थित वाजपेयी मैदान पहुंची, जहां महाआरती, धर्म सभा के साथ ही वरिष्ठजनों और प्रतिभा सम्मान का हुआ। शोभायात्रा में जमकर थिरकीं महिलाएं शोभायात्रा में विप्र समाज की महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान महिलाएं भक्तिमय गीतों पर जमकर थिरकतीं नजर आईं। शोभायात्रा में उमड़ी भीड़ के चलते सीपत चौक से राजकिशोर नगर तक तीन किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। हालांकि पुलिस ने पहले ही रूट डायवर्ट कर दिया था। इसके बाद भी लोगों को जाम से राहत नहीं मिली। जगह-जगह पुष्प वर्मा और आइसक्रीम-फ्रूटी के साथ स्वागत कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारीयों समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए। शोभायात्रा का मार्ग में कई स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। अशोक नगर से लेकर जगह-जगह अलग-अलग समाज के लोगों ने ने स्वागत किया। जिसमें यादव समाज, क्षत्रिय कुर्मी, समाज, राजपूत समाज, मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ कांग्रेस कमेटी के नेताओं और स्वयं सेवी संगठनों ने पुष्प वर्षा कर शीतल पेयजल, आइसक्रीम, फ्रूटी के साथ स्वागत किया। सरकंडा के नंदीश्वर शिव मंदिर, नूतन चौक से लेकर हुंडई चौक में खान बाड़ा के मुस्लिम समाज और हनुमान सेवा समिति के सदस्यों ने स्वागत किया। मार्ग में कई स्वागत द्वार बनाए गए थे। बैनर और पोस्टर से पूरा मार्ग सजाया गया था। रामलला की जीवंत झांकी और काली खप्पर वाली टीम रहा आकर्षण का केंद्र शोभायात्रा में अयोध्या के श्रीराम लला की जीवंत झांकी सजाई गई। वहीं राधा कृष्ण के साथ ही श्याम खाटू, हनुमानजी सहित देवी-देवताओं की झांकियों ने मन मोह लिया। शोभायात्रा में चल रहे काली खपपर वाली के साथ ही इंवेट्स टीम, स्केटिंग रंगोली की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। वाद्य यंत्रों के साथ शौर्य का प्रदर्शन कर रही महिलाएं और युवाओं की टोलियां यात्रा के पूरे मार्ग में एक अलग उमंग और उत्साह बिखेरती नजर आईं। गुड्डे-गुड़ियों का विवाह और विप्र दान वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया पर सोमवार को अक्षय तृतीया मनाई गई। इस अवसर पर बच्चे जहां गुड्डे-गुड़ियों के विवाह में जुटे रहे तो श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ ही विप्र दान के रूप में गरीबों को ठंडे पानी से भरा घड़ा और सत्तू दान किया। भगवान परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया पर लोगों ने भगवान विष्णु और उनके अवतार परशुराम की पूजा-अर्चना की। भगवान को सत्तु का भोग लगाया गया। पर्व पर ब्राह्मण भोज व विप्र दान को पुण्यकारी माना गया है। इसलिए पूजा के बाद लोगों ने ब्राह्मण भोज कराया और उन्हें ठंडे पानी से भरा घड़ा, सत्तू व मौसमी फल दान में दिया गया। मान्यतानुसार अक्षय तृतीया के बाद ही सत्तू व आम का उपयोग खाने में किया जाता है। इस अवसर पर वेंकटेश मंदिर, हरदेव लाल मंदिर, गोंड़पारा स्थित सीता-राम मंदिर, तिलक नगर स्थित श्रीराम मंदिर, तेलीपारा स्थित काली व दुर्गा मंदिर, काली मंदिर तिफरा सहित शहर के अन्य देवालयों में पूजा-अर्चना के लिए सुबह-शाम भक्तों की भीड़ रही।
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