बीजापुर के गुदमा और एरामंगी गांव में चार युवकों की मौत, गांव में मातम

बीजापुर जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर ग्राम गुदमा के तीन और एरामंगी गांव के एक युवक की मौत की खबर मिली है। चार मौतों से गांव में मातम पसरा हुआ है और गमगीन माहौल के कारण गांव में एक अजीब सन्नाटा छाया हुआ है।
जानकारी के अनुसार गुदमा के रहने वाले आरक्षक मंगू उद्दे (40 साल) की पोस्टिंग बांगापाल (नेलसनार) थाने में रही। वह शुक्रवार को चिकित्सा अवकाश पर अपने गृह गांव गुदमा आया था। सूत्रों ने बताया कि मंगू के कंधे में लगी चोट व अन्य बीमारी के कारण उसके मानसिक रूप से परेशान रहने की बात बताई जा रही है। शुक्रवार दोपहर उसने सूने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
आत्महत्या के कारणों की जानकारी पुलिस द्वारा जुटाई जा रही है। नैमेड टीआई के अनुसार परिजनों से घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
इसी तरह गुदमा का दूसरा ग्रामीण बंडे पुनेम (30) काम करने आंध्र प्रदेश गया था, जहां उसे जहरीले सांप ने काट लिया। उसका आंध्र प्रदेश में ठेकेदार द्वारा इलाज कराया गया, लेकिन स्थिति गंभीर होने पर परिजन उसे बीजापुर लेकर आ गए। बीजापुर में चिकित्सकों ने स्थिति नाजुक होने पर डिमरापाल अस्पताल जगदलपुर रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
गुदमा गांव के तीसरे ग्रामीण अनिल वेलादी (25) की मौत का कारण पीलिया होना बताया जा रहा है।
सरपंच नीताशाह ने बताया कि चौथे ग्रामीण बुधु कोवासी (32), जो एरामंगी गांव का रहने वाला है, उसकी भी जहरीले सांप के काटने से इलाज के दौरान मौत हुई। महिला सरपंच नीताशाह ने बताया कि चार मौतें होने से गांव में मातम पसरा हुआ है।
सरपंच ने कहा कि इस संबंध में पुलिस व प्रशासन को खबर दी गई है। एक शव का पोस्टमार्टम किया गया है। दो शवों का पोस्टमार्टम शनिवार को किया जाएगा।




