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बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल जनगणना का कार्य आज से शुरू हो गया है। जिले में 3500 प्रगणक और 500 सुपरवाइजर हाउस लिस्टिंग के काम में लगाए गए हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों के साथ हिर्री पहुंचकर जनगणना कार्य का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रगणक अंजुबाला जायसवाल से घर के मुखिया रामकृष्णा राजपूत की जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज करवाई। लगभग पांच मिनट में 33 बिंदुओं पर आधारित यह जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर सफलतापूर्वक दर्ज की गई। जनगणना प्रक्रिया पूरी होने पर कलेक्टर ने रामकृष्णा राजपूत को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जनगणना देश के विकास और नीति निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना कर्मियों को सही और पूरी जानकारी उपलब्ध कराकर सहयोग करें। जनगणना की जानकारी पूरी तरह गोपनीय: कलेक्टर कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना में दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं। व्यक्तिगत आंकड़ों को किसी व्यक्ति या संस्था के साथ साझा नहीं किया जा सकता और ये सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत भी उपलब्ध नहीं कराई जातीं। उन्होंने बताया कि इन आंकड़ों का उपयोग केवल शासन की नीतियों एवं योजनाओं के निर्माण में किया जाता है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पिछले 15 दिनों तक लोगों ने स्वगणना कर अपनी जानकारी पोर्टल में दर्ज की। जिले में 6 हजार से अधिक लोगों ने स्वगणना का लाभ उठाया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी शिवकुमार बनर्जी, तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी राजेंद्र भारत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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