नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। नगर निगम के वार्ड क्रमांक 29 संजय गांधी नगर में होने वाले नगरीय निकाय उपचुनाव (Bilaspur By-Election)को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल इस चुनाव को प्रतिष्ठा की लड़ाई मानते हुए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
जीत सुनिश्चित करने के लिए दोनों पार्टियों ने मजबूत और जनाधार वाले प्रत्याशी की तलाश शुरू कर दी है। बैठकों, रायशुमारी और संगठन स्तर पर फीडबैक लेने का सिलसिला लगातार जारी है।
वार्ड में चुनावी माहौल पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा है, जबकि संभावित प्रत्याशी भी क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क बढ़ाने में जुटे हुए हैं। स्थानीय स्तर पर चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और राजनीतिक सरगर्मियां लगातार बढ़ रही हैं।
नामांकन प्रक्रिया शुरू, पहले दिन नहीं भरा गया कोई फार्म
नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव के लिए सोमवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई। हालांकि पहले दिन किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन पत्र जमा नहीं किया। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 18 मई तय की गई है। इसके बाद 19 मई को नामांकन पत्रों की जांच होगी तथा 21 मई तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 1 जून को कराया जाएगा।
नगर निगम बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 29 में पार्षद पद के लिए नामांकन पत्र जिला कलेक्टोरेट के भू-तल स्थित कक्ष क्रमांक 25 में स्वीकार किए जाएंगे। वहीं पंचायत उपचुनाव के लिए संबंधित जनपद पंचायत कार्यालयों में नामांकन जमा होंगे।
पार्षद चुनाव के लिए अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी डॉ. ज्योति पटेल को रिटर्निंग आफिसर नियुक्त किया गया है। वहीं पंचायत चुनावों के संचालन की जिम्मेदारी संबंधित तहसीलदारों को सौंपी गई है।
जिले में एक पार्षद, दो सरपंच और 16 पंच पदों पर चुनाव
जिले में नगर निगम बिलासपुर के वार्ड 29 के एक पार्षद पद, दो सरपंच तथा 16 पंच पदों के लिए उपचुनाव कराए जाएंगे। रिक्त सरपंच पदों में विकासखंड मस्तूरी के केंवटाडीह (भूतहा) तथा विकासखंड बिल्हा के मानिकपुर ग्राम पंचायत शामिल हैं। केंवटाडीह में पूर्व सरपंच पंचराम गोड़ के निधन के बाद यह पद रिक्त हुआ है। वहीं मानिकपुर ग्राम पंचायत में पिछले पंचायत चुनाव के दौरान एक भी नाम निर्देशन पत्र जमा नहीं होने के कारण सरपंच पद खाली रह गया था।
इसके अलावा 16 पंच पदों के लिए भी चुनाव होंगे। इनमें बिल्हा विकासखंड के तीन, मस्तूरी के छह और कोटा विकासखंड के सात पंच पद शामिल हैं। निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील कर दी गई है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल ने राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चुनाव संचालन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। चुनाव प्रचार के दौरान रैली, जुलूस और लाउडस्पीकर की अनुमति देने के लिए एसडीएम और तहसीलदारों को अधिकृत किया गया है।
भाजपा ने बनाई जीत की रणनीति
वार्ड 29 उपचुनाव को लेकर भाजपा ने भी अपनी रणनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को नगर विधायक अमर अग्रवाल ने अपने बंगले में टिकट की दावेदारी कर रहे नेताओं और उनके समर्थकों की बैठक बुलाई। बैठक में चुनाव जीतने के लिए विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई।
विधायक अमर अग्रवाल ने सभी दावेदारों और कार्यकर्ताओं से अपने-अपने स्तर पर तैयारी शुरू करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान करेगा और जिसे भी टिकट मिलेगा, सभी को एकजुट होकर उसके समर्थन में चुनाव लड़ना होगा।
बैठक में यह संदेश भी दिया गया कि पार्टी के लिए यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है और हर हाल में जीत दर्ज करना प्राथमिक लक्ष्य रहेगा। भाजपा संगठन वार्ड में कांग्रेस की सक्रियता को देखते हुए कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहता। यही वजह है कि बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का काम शुरू कर दिया गया है।
टिकट दावेदारों ने शुरू किया जनसंपर्क
भाजपा से टिकट की दौड़ में शामिल नेताओं ने भी अपने स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है। दावेदार संध्या चौधरी ने कहा कि पार्टी के निर्देश पर प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया गया है। हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व का होगा और पार्टी जिसे भी प्रत्याशी बनाएगी, वह निर्णय सभी के लिए सर्वमान्य रहेगा।
वहीं टिकट के दावेदार राजेश रजक ने बताया कि क्षेत्र में घर-घर संपर्क अभियान शुरू किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार की घोषणा के बाद चुनाव प्रचार और अधिक तेज किया जाएगा। फिलहाल पार्टी के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य किया जा रहा है।
कांग्रेस का फोकस ‘विनिंग फेस’ पर
दूसरी ओर कांग्रेस ने भी वार्ड 29 उपचुनाव को प्रतिष्ठा का चुनाव मानते हुए पूरी तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को कांग्रेस भवन में आयोजित बैठक में पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि इस बार प्रत्याशी चयन जनता और कार्यकर्ताओं की राय के आधार पर किया जाएगा।
जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने प्रत्याशी चयन के लिए गठित 11 सदस्यीय समिति के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक में तय किया गया कि समिति वार्ड और बूथ स्तर पर जाकर सर्वे करेगी तथा यह जानने का प्रयास करेगी कि जनता किस चेहरे को पसंद कर रही है।
कांग्रेस का फोकस ऐसे प्रत्याशी पर रहेगा जो जीतने की क्षमता रखता हो, संगठन के प्रति निष्ठावान हो और क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाता रहा हो।
पांच स्तर पर होगी रायशुमारी
कांग्रेस ने प्रत्याशी चयन के लिए पांच से छह स्तर पर रायशुमारी करने की रणनीति बनाई है। इसके तहत बूथ कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नेताओं, स्थानीय नागरिकों और प्रभावशाली परिवारों से अलग-अलग फीडबैक लिया जाएगा। फोन कॉल और व्यक्तिगत संपर्क के जरिए भी मतदाताओं का मूड जानने की तैयारी की जा रही है।
बैठक में वरिष्ठ नेताओं ने समिति सदस्यों को क्षेत्र में सक्रिय रहने और लोगों के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने की सलाह दी। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि सही प्रत्याशी चयन और मजबूत जमीनी रणनीति के दम पर पार्टी वार्ड 29 में बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।
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प्रतिष्ठा की लड़ाई बना उपचुनाव
वार्ड 29 का यह उपचुनाव अब केवल एक पार्षद सीट तक सीमित नहीं रह गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए यह राजनीतिक साख से जुड़ा चुनाव बन चुका है। यही कारण है कि दोनों दल संगठनात्मक स्तर पर पूरी ताकत झोंकते दिखाई दे रहे हैं।
एक ओर भाजपा संगठनात्मक मजबूती और बूथ प्रबंधन पर जोर दे रही है, वहीं कांग्रेस जनता की राय और स्थानीय समीकरणों के आधार पर “विनिंग फेस” तलाशने में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में प्रत्याशियों की घोषणा के साथ यह मुकाबला और अधिक दिलचस्प होने की संभावना है।
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