JEE की तैयारी कर रहे छात्र ने पिता को संदेश भेजकर कहा कि वह इंजीनियर नहीं बनना चाहता, बल्कि नौकरी करना चाहता है। …और पढ़ें

HighLights
- जेईई छात्र हास्टल से लापता होकर मुंबई पहुंच गया
- पिता को भेजा संदेश- इंजीनियर नहीं नौकरी करनी है
- साइबर सेल की मदद से छात्र की लोकेशन मिली
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। करियर को लेकर परिवार की उम्मीदों और बच्चों की इच्छाओं के बीच बढ़ता मानसिक दबाव एक बार फिर सामने आया है। बिलासपुर के तारबाहर थाना क्षेत्र स्थित विद्यानगर हास्टल से लापता हुए 17 वर्षीय छात्र का सुराग आखिरकार मुंबई में मिला। जेईई प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र ने अपने पिता को संदेश भेजकर साफ कहा कि वह इंजीनियर नहीं बनना चाहता और नौकरी करना चाहता है।
कोरबा से बिलासपुर पढ़ने आया था छात्र
पुलिस के अनुसार, 17 वर्षीय किशोर मूल रूप से कोरबा का रहने वाला है। वह बिलासपुर के विद्यानगर इलाके स्थित एक हॉस्टल में रहकर जेईई प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। परिवार की इच्छा थी कि बेटा बड़ा इंजीनियर बने और बेहतर भविष्य बनाए। इसी उद्देश्य से उसे बिलासपुर भेजा गया था।
सात मई को छात्र अचानक हास्टल से लापता हो गया। जब उसके पिता ने मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, तो फोन बंद मिला। लगातार मोबाइल स्विच ऑफ आने से परिवार की चिंता बढ़ गई। बेटे के अचानक गायब होने से घबराए पिता आठ मई को बिलासपुर पहुंचे और हॉस्टल में जानकारी जुटाई, लेकिन दोस्तों और परिचितों से भी कोई सुराग नहीं मिला।
तारबाहर थाने में दर्ज हुई गुमशुदगी
काफी तलाश के बाद भी छात्र का पता नहीं चलने पर स्वजन ने तारबाहर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। किशोर की तलाश के लिए साइबर सेल की मदद ली गई। शुरुआती जांच में मोबाइल लगातार बंद मिलने से पुलिस को कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पा रही थी।
मुंबई से आया छात्र का संदेश
तीन दिनों तक कोई संपर्क नहीं होने के बाद अचानक छात्र ने अपने पिता के मोबाइल पर एक भावुक संदेश भेजा। उसने लिखा कि वह इंजीनियर नहीं बनना चाहता और नौकरी करना चाहता है। छात्र ने यह भी बताया कि वह बिलासपुर से काफी दूर जा चुका है और पूरी तरह सुरक्षित है।
संदेश में उसने अपने लिए नौकरी तलाशने की बात कही। साइबर सेल की मदद से पुलिस को उसकी लोकेशन मुंबई में मिली। इसके बाद पुलिस ने छात्र से संपर्क साधने और उसे समझाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
करियर का दबाव बना पलायन की वजह
यह घटना बच्चों पर करियर को लेकर बढ़ते मानसिक दबाव को उजागर करती है। पुलिस अधिकारियों और काउंसलर्स का मानना है कि कई बार अभिभावकों की अपेक्षाएं बच्चों की रुचि और क्षमता से अलग होती हैं, जिससे वे मानसिक तनाव में आ जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पालकों को बच्चों की पसंद और रुचि को समझना चाहिए। लगातार दबाव या अपेक्षाओं का बोझ कई बार बच्चों को घर छोड़ने जैसे कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर कर देता है। फिलहाल पुलिस छात्र को समझाइश देकर सुरक्षित वापस लाने का प्रयास कर रही है।
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