बिलासपुर-मरवाही बाईपास रोड के पास कोटा ब्लॉक के परसापानी और बगलाभाठा गांव आजादी के 78 साल बाद भी अच्छी सड़क सुविधा से वंचित हैं। …और पढ़ें

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। बिलासपुर-मरवाही बाईपास रोड के पास कोटा ब्लॉक के परसापानी और बगलाभाठा गांव आजादी के 78 साल बाद भी अच्छी सड़क सुविधा से वंचित हैं। बरसात के समय पहाड़ी नाले में पानी भर जाने से दोनों गांवों का संपर्क दो से तीन महीने तक पूरी तरह कट जाता है।
इस दौरान ग्रामीणों को अस्पताल, बाजार और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में भारी परेशानी होती है। इस समस्या को लेकर निलेश विश्वास ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में बताया गया कि कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद गांव तक पक्की सड़क और पुल का निर्माण नहीं कराया गया।
लोक निर्माण विभाग के सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई। कोर्ट ने इसे गंभीर जनहित का मामला मानते हुए स्वतः संज्ञान लिया और लोक निर्माण विभाग के सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
हाई कोर्ट ने कहा कि बड़ी संख्या में ग्रामीण इस समस्या से प्रभावित हैं, इसलिए सरकार को इस मामले पर जवाब देना होगा। कोर्ट ने सचिव से व्यक्तिगत शपथ पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 16 जून को होगी।
व्यकि्तगत शपथ पत्र पेश करने का निर्देश देते हैं
इस मामले की प्रकृति और प्रभावित इलाकों में रहने वाले बड़ी संख्या में ग्रामीणों पर इसके बार-बार पड़ने वाले असर को देखते हुए, हम इस पर खुद से संज्ञान लेते हैं और छत्तीसगढ़ सरकार के लोक निर्माण विभाग के सचिव को इस मामले में अपना व्यकि्तगत शपथ पत्र पेश करने का निर्देश देते हैं।
पिटीशनर के वकील को इस मामले में पेश होने से मुक्त किया गया है। रजिस्ट्री को काज टाइटल के साथ-साथ पिटीशन में भी ज़रूरी सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।
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