Durg Auto Theft Case | Driver And Aide Arrested For Stealing Money

दुर्ग-भिलाई3 घंटे पहले
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दुर्ग में ऑटो में बैठने वाले यात्रियों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। पुरानी भिलाई पुलिस ने एक ऑटो ड्राइवर और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने बैंक में पैसे जमा कराने जा रहे एक यात्री को अपने जाल में फंसाकर उसकी जेब से 74 हजार रुपए निकाल लिए।
वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने पहले यात्री की सीट कई बार बदलवाई और फिर ऑटो खराब होने का बहाना बनाकर उसे बीच रास्ते में उतार दिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 31 वर्षीय बॉबी गुरजीत सिंह और 20 वर्षीय धीरज वर्मा निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी (बॉम्बे आवास) जामुल के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी बॉबी गुरजीत सिंह के खिलाफ पहले भी सुपेला थाना क्षेत्र में मारपीट और चोरी के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल ऑटो भी जब्त कर लिया है।

पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार।
पहले पीछे बैठने कहा, बाद में आगे बुला लिया
भिलाई निवासी 32 वर्षीय अरविंद कुमार 15 जुलाई को अपने कार्यालय से केनरा बैंक में 74 हजार रुपए जमा कराने निकले थे। उन्होंने जीई रोड से एक नीले-सफेद रंग के ऑटो में सफर शुरू किया। ऑटो में पहले से दो युवक बैठे हुए थे। रास्ते में ऑटो चालक ने पहले अरविंद को पीछे बैठने के लिए कहा।
कुछ दूर चलने के बाद उन्हें आगे बैठा दिया। इस दौरान ऑटो में बैठा युवक लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रखते रहा। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान आरोपियों ने मौका देखकर उनकी जेब से कैश निकाल लिया।
ऑटो खराब होने के बाद बहाना बताकर उतारा
इसके बाद चालक ने ऑटो खराब होने का बहाना बनाया और चरोदा के ज्योति कटिंग के पास अरविंद को उतार दिया। जब वह नीचे उतरे और अपनी जेब देखी तो 74 हजार रुपए गायब थे। इसके बाद उन्होंने पुरानी भिलाई थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान संदेह के आधार पर ऑटो क्रमांक CG 07 DB 6016 के चालक और उसके साथी को हिरासत में लिया गया। पहचान परेड में पीड़ित ने दोनों की पहचान कर ली। पूछताछ में आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
अकेले सफर करने वाले यात्रियों को बनाते थे निशाना
पुलिस जांच में सामने आया कि यह चोरी करने का उनका तय तरीका था। आरोपी ऐसे यात्रियों को तलाशते थे, जो अकेले सफर कर रहे हों और जिनके पास नकदी होने की संभावना हो। ऑटो में पहले से उनके साथी बैठे रहते थे। सफर के दौरान किसी न किसी बहाने यात्री की सीट बदलवाई जाती थी, ताकि उसका ध्यान भटक सके।
इसी दौरान जेब से पैसे निकाल लिए जाते थे। इसके बाद वाहन खराब होने या किसी दूसरी वजह का बहाना बनाकर सुनसान जगह पर यात्री को उतार दिया जाता था। इससे पीड़ित को तुरंत चोरी का पता नहीं चलता था और आरोपी आसानी से फरार हो जाते थे।





